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अब आप सिर्फ एक मिस कॉल से पता कर सकते हैं, आपके PF खाते में कितना है पैसा

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केंद्र सरकार के नियमों अनुसार नौकरी करते वक्त हर कंपनी को अपने कर्मचारियों का पीएफ अकाउंट खुलना होता है। अकाउंट में जमा धनराशि ईपीएफओ के पास जमा होती रहती है कर्मचारी जब रिटायर होता है तो वह अपने पीएफ अकाउंट से पैसे निकाल सकता है इसके साथ साथ ही यदि कर्मचारी कंपनी बदलता है तो भी उसे अपना पीएफ नंबर उस कंपनी को देना होता है इस दौरान कर्मचारी को यह नहीं पता होता कि उसके पीएफ अकाउंट में दरअसल साल कितना पैसा है। कर्मचारियों को उनके पीएफ खाते का बैलेंस पता करने के लिए अब मात्र एक मिस कॉल ही करनी पड़ेगी जिसके बाद उन्हें उनके खाते का बैलेंस पता चल जाएगा इसके साथ-साथ s.m.s. या अन्य माध्यमों से भी कर्मचारी अपने पीएफ अकाउंट का बैलेंस जान सकते हैं आज की हमारी यह रिपोर्ट इसी पर आधारित है।

ईपीएफओ ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर
ईपीएफ बैलेंस पता करने का लिंक दिया है। ई पासबुक का यह लिंक आपको वेबसाइट की ऊपरी दाएं हिस्से में मिल जाएगा।

इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको यूएएन नंबर और उसका पासवर्ड डालना पड़ेगा

साइट पर यूएएन नंबर और पासवर्ड डालने के लिए बाद आपको ब्लू बैलेंस नामक बटन को दबाना होगा जिसके बाद आपके पीएफ खाते का बैलेंस आपको पता चल जाएगा।

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इन सबके अलावा आप एप्स पीपीएफ खाते का बैलेंस जान सकते हैं जिसके लिए आपको पहले मेंबर पर क्लिक करना होगा उसके बाद यूएन नंबर और पासवर्ड डालना होगा।

जिसे अपना पीएफ बैलेंस जाना है उसे मात्रा अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर से इस नंबर 011-22901406 पर मिस कॉल करनी होगी। जिसके बाद एसएमएस के द्वारा उसे उसके पीएफ खाते के बैलेंस की जानकारी मिल जाएगी।

मिस कॉल करने के बाद तुरंत ही ईपीएफओ की ओर से एक मैसेज आपको मिल जाएगा। इस मैसेज में आपके खाते से जुड़ी तमाम जानकारी हैं जैसे आप का बैलेंस आपका अकाउंट नंबर आपका फोन नंबर, अंतिम योगदान जन्मतिथि आदि आदि। यह मैसेज AM-EPFOHO की ओर से आता है। अगर आपकी कंपनी कोई प्राइवेट ट्रस्‍ट है तो आपको बैलेंस डिटेल नहीं मिलेगा। आपको अपनी कंपनी से इसके लिए संपर्क करना होगा।

आप यही सोच रहे हैं कि ईपीएफओ ने आखिर मिस कॉल ही क्यों चुनी क्योंकि यह उन लोगों के लिए आसान होगा जिनके पास सामान्य फ्यूचर फोन है या फिर जीने एसएमएस लिखना नहीं आता है। मिस कॉल के लिए आपके पास बैलेंस होना भी जरूरी नहीं है।

पीएफ में जमा करने के लिए एक राशि तय करेगी गई। हर कंपनी और कर्मचारी को अपनी बेसिक सैलरी और डीए में से 12% ईपीएफओ में जमा कराना होता है। 12 फीसदी का 8.33% राशि ईपीएफ किटी में जाती है। वहीं, 3.67 फीसदी हिस्सा ईपीएफ में जमा होता है।

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