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मयंक और हनुमा की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया में किया ये कमाल, बन गई ऐसा करने वाली पहली जोड़ी

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ऑस्ट्रेलिया में चल रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का तीसरा मैच आज मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है। इस टेस्ट में विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।

इस बॉक्सिंग-डे टेस्ट में टीम ने दो नए ओपनर्स को मौका दिया। मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज हनुमा विहारी को सलामी बल्लेबाज की जिम्मेदारी सौंपी गई और उनका साथ घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले मयंक अग्रवाल को डेब्यू करने का मौका दिया और वो भी एक ओपनर के तौर पर।

मालूम हो कि यह पहला मौका है जब हनुमा और मयंक ने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर में ओपनिंग की है। इस ओपनिंग के साथ ही दोनों ने एक खास उपलब्धि को भी अपने नाम कर लिया।

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जी हां, दरअसल ऑस्ट्रेलिया में एकसाथ पहली बार ओपनिंग करने वाली हनुमा-मयंक की जोड़ी पहली भारतीय जोड़ी बन गई है।

बता दें कि मेलबर्न में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में मयंक और विहारी की जोड़ी ने 40 रन की साझेदारी की। इस जोड़ी को पैट कमिंस ने तोड़ा, जिन्होंने हनुमा विहारी को शानदार बाउंसर पर फिंच के हाथों कैच आउट कराया।

वैसे भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह तीसरा मौका है जब विदेशी पिच पर दो बल्लेबाजों ने पहली बार ओपनिंग की हो। आइए जान लेते हैं कि इससे पहले ऐसा कब हुआ है।

दरअसल सबसे पहले यह कमाल श्रेय जनार्धन नेविल और एन जाओमल ने किया था। वर्ष 1932 में नेविल-जाओमल ने इंग्लैंड के लॉर्ड्स स्टेडियम पर ओपनिंग की थी। दोनों ने पहली बार टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग की थी।

वैसे इससे जुड़ी एक बड़ी बात यह है कि टीम इंडिया ने इस टेस्ट मैच को जीता था। नेविल-जाओमल की जोड़ी ने 39 रन की साझेदारी की थी।

चार साल बाद यानी कि वर्ष 1936 में एक बार फिर लॉर्ड्स पर ही यह कमाल दोहराया गया। इस बार विजय मर्चेंट और दत्ताराम हिंदलेकर की जोड़ी ने भारत की तरफ से ओपनिंग की। मर्चेंट-हिंदेलकर की जोड़ी ने 62 रन की साझेदारी की थी।

वहीं मयंक-विहारी ने ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में 40 रन की साझेदारी की लेकिन इस दौरान दोनों ने पहले घंटे में कंगारू गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया। पहले घँटे तो दोनों बल्लेबाजों ने एकदम विकेट से चिपक कर बल्लेबाजी की ओर अपना महत्वपूर्ण विकेट खोने नहीं दिया।

बता दें कि भारत ने पहला विकेट विहारी के रूप में खोया। विहारी 66 गेंदों में 8 रन बनाने के बाद पवेलियन लौटे। मालूम हो कि मयंक-विहारी की जोड़ी ने 18.5 ओवर तक बल्लेबाजी की, जो कि गेंदों के लिहाज से जुलाई 2011 के बाद सेना देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में भारतीय ओपनर्स का सर्वोच्च प्रदर्शन है।

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