Loading...

किन्नरों को लेकर नितिन गडकरी ने दिया ऐसा बयान, राजनीतिक गलियारों में मत सकती है हलचल

0 12

मोदी सरकार के एक और मंत्री के बिगड़े बोल। जी हां इससे पहले भी मोदी के भाषण के मंत्रियों ने अलग-अलग बयान देकर सुर्खियां बटोरी हैं चाहे वह पाकिस्तान बिजनी टो हो या फिर महाभारत के जमाने में इंटरनेट हो और हाल में ही हनुमान जी की जाति बताने का इसी में एक और नाम भी जुड़ गया है वह है केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का जी हां आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि नितिन गडकरी ने एक ऐसा बयान दिया है जो काफी हैरत वाला है केंद्र मंत्री ने यह बयान एक परियोजना के पूरा ना होने पर दिया है।

बता देंगे कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के सांगली जिले में एक सिंचाई परियोजना की लेटलतीफी पर यह बयान देते हुए कहा कि यदि किसी ट्रांसजेंडर की शादी हो जाती है और उसे बच्चा भी हो जाएगा मगर यह परियोजना तब तक पूरी नहीं हो पाएगी।

वह सांगली में तेंभू ‘लिफ्ट’ सिंचाई परियोजना के चौथे चरण के पूरा होना पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. पश्चिम महाराष्ट्र में सांगली में एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, “तेंभू लिफ्ट सिंचाई योजना की आर्थिक व्यवहार्यता इतनी मुश्किल है कि एक बार मैंने एक व्यक्ति से इसे लेकर अपने विचारों का साझा करते हुऐ कहा कि यहां तक कि एक ट्रांसजेंडर को बच्चा हो सकता है लेकिन यह सिंचाई योजना कभी पूरी नहीं हो सकेगी।”

केंद्र मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब मीडिया में उनके बयानों को काफी तोड़ मरोड़ के पेश किए जाने का भी आरोप लगा है बता दे कि शनिवार को गडकरी ने कहा था कि नेतृत्व को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

Loading...

केंद्रीय मंत्री ने सिंचाई परियोजना के चौथे चरण के पूरे होने की खुशी भी जाहिर की और साथ ही साथ उन्होंने यह भी आशा की इस सिंचाई परियोजना के पांचवे चरण का काम जल्द से जल्द पूरा हो सकेगा इस दौरान वहां पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील सहित कई अन्य बीजेपी नेता भी वहां मौजूद थे। यह लिफ्ट सिंचाई परियोजना, सांगली जिले के शुष्क इलाकों में सिंचाई सुविधाएं देने के लिए कृष्णा नदी घाटी से पानी लेकर पूरी की जानी है।

तेंभू जल परियोजना के पूरे हो जाने से सांगली और सोलापुर के आसपास के जिलों की 4 लाख एकड जमीन को पानी मिल सकेगा। इस परियोजना के लिए पहले भी महाराष्ट्र सरकार ने पैसा दिया था। महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार ने भी इस प्रोजेक्ट के लिए 4088 करोड रुपये मंजूर किए है। इतनी बड़ी लागत से बन रही इस परियोजना का मजाक उड़ाया जाता था और कहा जाता था कि ये योजना कभी पूरी नहीं होगी। यह जनता की गाढ़ी कमाई कभी मजाक है।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.