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Christmas 2018: इस बार झीलों के बीच मनाना चाहते हैं क्रिसमस तो नैनीताल है सबसे बेहतर ऑप्शन

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अगर आप अपने नए साल एवं क्रिसमस का जशन नेचुरल ब्यूटी के साथ मनाना चाहते हैं। तो फिर नैनीताल की पहाड़ियों और झीलों की खूबसूरती से बेस्ट ऑप्शन नहीं हो सकता। ऐसा माना जाता है कि नैनीताल झीलों का नगर है। यहां कई प्रसिद्ध झीलें हैं। नैनीताल की झीलों की प्राकृतिक झीलों की विशेषताएं ऐसी हैं जिनकी मान्यता को मानकर लोग हर साल यहां आते हैं। यहां का सुहावना मौसम पर्यटकों को गर्मी में सकून प्रदान करता है। यूं तो आदर्श मौसम अप्रैल से जुलाई तक का होता है यहां आने का लेकिन आप सर्दियों में यहां पर बर्फबारी का मजा भी ले सकते हैं जिसके लिए आप दिसंबर में भी जा सकते हैं।

घूमने फिरने या फिर दोस्तों के साथ घूमने का प्लान बना रहे हैं तो नैनीताल का नाम सबसे पहले आता है मौसम चाहे गर्मी का हो या फिर सर्दी का नैनीताल की प्राकृतिक खूबसूरती लोगों को अपनी तरफ खींच ही लेती है। सर्दी के मौसम में नैनीताल चारों तरफ से बर्फ से ढक जाता है। इसका लुफ्त उठाने दूरदराज के सैलानी भी आते हैं। सर्दियों में इस खूबसूरती को देखने के लिए आए लोग यहां से जाने का नाम नहीं लेते एक समय ऐसा था। जब यहां पर करीबन 7 से भी अधिक जिले हुआ करती थी। जिनकी खूबसूरती को को देख लोग मंत्रमुग्ध हो जाते थे। यहां पर सैलानी एक बार घूमने आते हैं और पूरे साल यहां की प्राकृतिक खूबसूरती का गुणगान करते नहीं थकते हैं। दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोग अपनी गाड़ियों से भी यहां आ जा सकते हैं। बस से किराया महज 600 से ₹800 ही आएगा यहां रहने और खाने का खर्च भी बहुत ही कम पैसों में हो जाता है।

यहां पर रहने एवं ठहरने की भी अच्छी व्यवस्था है। 500 से 1000 रुपए में रहने के लिए अच्छे से अच्छा होटल मिल जाता है। एक समय का खाना भी मिल जाता है होटल से बाहर खाने की व्यवस्था भी अच्छी ही होती है। अगर आप अपनी गाड़ी से नैनीताल जा रहे हैं। तो कुछ सावधानियां जरूर बरतें शराब पीकर गाड़ी ना चलाएं,यहां गाड़ी में एफएम या म्यूजिक चलाना मना है, यहां चप्पल पहनकर ड्राइविंग करने पर भी चालान हो सकता है अगर मॉल रोड जाना है तो पहले से टैक्सी की बुकिंग करा ले मौसम कोई भी हो वहां के लिए गर्म कपड़ा अवश्य लेकर जाएं।

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फिलहाल तो नैनीताल दो भागों में बटा हुआ है पल्लीताल और तल्लीताल। पल्लीताल, नैनीताल का ऊपरी हिस्सा है जबकि तल्लीताल निचले भाग को कहा जाता है। बता दें कि प्रसिद्ध नैना देवी का मंदिर भी पल्लीताल में ही है और घूमने के लिए खुले मैदान है जहां लोग सैर सपाटे करते नजर आते हैं। पल्लीताल और तल्लीताल को जोड़ने वाली जगह को मॉल रोड कहते हैं। यहां शॉपिंग के लिए बहुत अच्छी जगह है।

तो अब बता देते हैं कि आप नैनीताल कैसे पहुंच सकते हैं नैनीताल से दिल्ली के लिए 24 घंटे की बस सेवा है यहां से दिल्ली में महज 310 किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है।

काठगोदाम को “द गेटवे ऑफ़ कमाओ हिल्स” के नाम से भी जाना जाता है। नैनीताल से पहले 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रेलवे स्टेशन है।

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