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लालू को नहीं मिली जमानत, धड़कनें हुई तेज, आधी किडनी ही कर रही है काम

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देश के पूर्व रेल मंत्री एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव जो कि चारा घोटाले मामले में सजायाफ्ता हैं पर इस समय रांची के रिम्स में भर्ती हैं। अस्पताल के मुताबिक लालू की कितनी मात्र 50 फीसदी ही काम कर पा रही है। डॉक्टर ने बताया कि लालू की किडनी की स्थिति को देखते हुए वह इस समय एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के डॉक्टरों के संपर्क में हैं। रिम्स के डॉक्टरों ने बताया कि लालू प्रसाद यादव की बीमारी से लड़ने की ताकत दिन-ब-दिन कम होती जा रही है अपनी बीमारी और उम्र का हवाला देकर ही झारखंड हाईकोर्ट में जमानत की याचिका दी थी लेकिन शुक्रवार को भी उनकी याचिका पर सुनवाई ना हो चुकी अब इस मामले की सुनवाई 4 जनवरी को होनी है।

डॉक्टरों के मुताबिक लालू को 25 साल से है शुगर है और वे ब्लड प्रेशर के बी पेशेंट है यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है डॉक्टरों का कहना है कि साइंस के पास ऐसी कोई दवाई नहीं है कि किडनी इन्फेक्शन को सामान किया जा सके अगस्त से लेकर अभी तक 110 दिनों में लालू यादव को 50 दिन एंटीबायोटिक देनी पड़ी इससे लगता है कि उनकी बीमारी से लड़ने की ताकत कम होती जा रही है। रांची के रिम्स में भर्ती सजायाफ्ता लालू यादव की तबीयत में सुधार ना होने के बाद डॉक्टरों ने जारी किया मेडिकल बुलेटिन।

डॉक्टर ने बताया कि यह सभी लक्षण क्रॉनिक डिजीज के मरीजों में ज्यादा होते हैं वैसे डॉक्टर ने यह भी कहा कि डाइट चार्ट का इन दिनों कड़ाई से पालन हो रहा है ताकि लालू यादव मीट चिकन और फिश नहीं खा पाए खानदान को लेकर विशेष सावधानी भी बढ़ती जा रही है।

बिगड़ती हुई तबीयत और बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए लालू यादव ने झारखंड हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। पर कोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा कि लालू यादव की जमानत याचिका पर अब 4 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। बताते चलें कि यह याचिका चारा घोटाले के एक मामले में लालू ने जमानत की अर्जी के लिए झारखंड हाई कोर्ट में दी थी।

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झारखंड हाई कोर्ट में शुक्रवार को चारा घोटाले के देवघर, दुमका और चाईबासा मामले में लालू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी मगर नहीं हो पाई लालू यादव की ओर से दी गई याचिका में कहा गया है कि उनकी बढ़ती उम्र और लगातार बिगड़ती बीमारी हालत को देखते हुए उन्हें बेल दे दी जाए लेकिन सीबीआई के वकील ने मेरिट के आधार पर बहस के लिए अदालत से समय की गुहार करते हुए नजर आए। जिस पर हाईकोर्ट ने अपनी मुहर लगाते हुए अगली सुनवाई 4 जनवरी को करने का फैसला लिया।

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