Loading...

हनीफ मोहम्मद का एक ऐसा रिकॉर्ड जो है अटूट, शायद ही कोई बल्लेबाज तोड़ पाए ये रिकॉर्ड

0 13

क्रिकेट की दुनिया में दो सगे भाईयों के खेलने के बहुत से उदाहरण मौजूद हैं। लेकिन एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों ने अपने देश के लिए क्रिकेट खेला हो ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। और तो और अगर तीन पीढ़ियों के खिलाड़ियों ने खेलते हुए बहुत बड़ा मुकाम हासिल किया हो ऐसा तो शायद हो देखने को मिलता है।

लेकिन ऐसा हुआ है। जी हां, 21 दिसंबर 1934 को भारत के गुजरात में जूनागढ़ में एक क्रिकेट खिलाड़ी का जन्म हुआ था जो आगे चल के पाकिस्तान के लिए क्रिकेट खेला। हम जिसकी बात कर रहे हैं उसका नाम है हनीफ मोहम्मद।

उन्‍होंने 1952 से 1969 के बीच 55 टेस्ट मैच खेले और 43.98 के औसत से 3915 रन बनाए जिसमें 12 शतक शामिल थे।

बता दें कि हनीफ मोहम्मद दोनों हाथों से गेंदबाजी कर लेते थे। हनीफ को जनवरी 1958 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 970 मिनट तक क्रीज़ पर ठहरते हुए 337 रन की मैराथन पारी के लिए जाना जाता है।

Loading...

यह कारनामा उन्‍होंने टेस्‍ट की दूसरी पारी में किया था, जो कि टेस्‍ट क्रिकेट में पहला मौका था। हालांकि 2014 में न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैक्‍कलम ने भारत के खिलाफ दूसरी पारी में 302 रन के दम पर इस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

यही नहीं, हनीफ ने 1958-59 में फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में 499 का स्‍कोर बनाते हुए महान बल्‍लेबाज़ डॉन ब्रेडमैन की फर्स्ट क्लास में सबसे लंबी पारी का रिकॉर्ड भी तोड़ा था। हनीफ का यह रिकॉर्ड करीब 35 साल कायम रहा और 1994 में ब्रायन लारा ने इसे तोड़ डाला।

पांचों भाइयों ने लिया था भारत में जन्म

भारत में जन्‍मे हनीफ मोहम्‍मद पांच भाई थे और सभी क्रिकेट के शौक़ीन थे। हनीफ के अलावा उनके अन्‍य चार भाईयों का नाम सादिक, मुश्‍ताक, वजीर और रईस था।

बता दें कि इनमें से सिर्फ रईस ही इंटरनेशनल क्रिकेट खेल सके। मालूम हो की इन सभी भाईयों का जन्‍म भारत में ही हुआ था लेकिन बंटबारे के बाद यह पाकिस्‍तान शिफ्ट हो गए।

तीन पीढ़ियों ने दिखाया जलवा

हनीफ मोहम्‍मद की तीन पीढ़ियों ने पाकिस्‍तान के लिए क्रिकेट खेला और यहाँ सबसे दिलचस्प बात यह है कि तीनों ने दोहरा शतक जड़ा।

जी हां, हनीफ के बेटे शोएब अहमद ने पाकिस्‍तान के लिए दोहरा शतक बनाया तो पोते शहजर मोहम्‍मद ने आजम ट्रॉफी में ऐसा किया।

यही नहीं, उनके भाई सादिक और मुश्‍ताक ने भी फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने में सफलता हासिल की। हालांकि वो कभी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाए।

2016 में किया दुनिया को अलविदा

बता दें कि वर्ष 2016 में इस महान क्रिकेटर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। ये ब्‍लड कैंसर से पीड़ित थे।मालूम हो की हनीफ मोहम्‍मद को पाकिस्‍तान क्रिकेट में ‘लिटिल मास्‍टर’ के नाम से जाना जाता है।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.