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अगर बिना बताए कटी बिजली तो आप यहां कर सकेंगे शिकायत, बदले में मिलेगा पैसा, नए नियम हुए लागू

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अगर आपके घर गली मोहल्ले में बार-बार बिजली जाती और आप के साथ साथ और लोग भी इस बात से अच्छे खासे परेशान हैं तो यह खबर आपके लिए है।

अब आप आप ऐसा होने पर बिजली जाने की शिकायत कर सकते हैं और बिजली कंपनी आपको इस बात के पैसा भी देगी। जी हां, यह बिलकुल सच है और आपका इससे कमाई कर सकते हैं।

दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली में बिजली कटौती को लेकर लोग काफी परेशान हैं और उनका कहना है कि कभी भी लाइट कट जाती है और इस वजह से वो काफी परेशानी में जीवन व्यतीत करते हैं।

इन सब चीज़ों को देखते हुए ही दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन (डीईआरसी) ने बिजली कंपनियों की नकेल कसने का फैसला किया है।

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दरअसल डीईआरसी के नए नियमों के मुताबिक अब यदि कंपनियां बिना बताए बिजली कटौती करती हैं तो उनको उपभोक्ताओं को 50 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से जुर्माना देना होगा।

दिल्ली सरकार ने भेजा था प्रस्ताव

दरअसल दिल्ली में पिछले काफी समय से हो रही अनियमित बिजली कटौती पर रोक लगाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने डीईआरसी के पास हर्जाना लगाने को लेकर प्रस्ताव भेजा था। अब डीईआरसी ने इस प्रस्ताव को कुछ संशोधनों के बाद लागू कर दिया है।

जानकारी के लिए बता दें कि इस नए प्रस्ताव के मुताबिक पहले दो घंटे की कटौती के लिए बिजली कंपनियों को 50 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से हर्जाना देना होगा। वहीं अगर कटौती 2 घंटे से ज्यादा होती है तो कंपनियों को 100 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से हर्जाना देना होगा।

5 हज़ार रुपए का लगेगा जुर्माना

लोगों की सुविधाओं को लेकर आए इस नए प्रस्ताव के मुताबिक बिजली कंपनियों को उपभोक्ताओं को यह हर्जाना बिना क्लेम देना होगा। प्रस्ताव के अनुसार यदि बिजली कंपनी उपभोक्ता को हर्जाना नहीं देती हैं तो वह दिल्ली सरकार के कंज्यूमर ग्रिवांस रिड्रेसल फोरम में शिकायत दर्ज कर सकता है।

फिर अगर उपभोक्ता का दावा सही पाया जाता है तो कंपनियों को 5,000 रुपए तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

मीटर फूंकने पर राहत मिलेगी

दिल्लीवासियों के लिए वरदान बन कर आए इस नए प्रस्ताव में मीटर फूंकने पर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। दरअसल इस प्रस्ताव के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता का मीटर फूंक जाता है तो बिजली कंपनियों को उसे 3 घंटे के भीतर बदलना होगा।

अब ऐसे में यदि कंपनियां ऐसा नहीं करती हैं तो उन्हें उपभोक्ता को 50 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से हर्जाना देना होगा। वहीं बिजली कटौती के मामले में कंपनियों को 90 दिन में हर्जाना देना पड़ेगा। मालूम हो कि इस हर्जाने को बिजली बिल में समायोजित किया जाएगा।

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