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गुमनामी के अंधेरों में जीने वाली इस एक्ट्रेस ने सुंदरता में मधुबाला को दी थी मात, मरने के बाद कई दिन तक पड़ी रही थी लाश

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इस एक्ट्रेस की खूबसूरती और इसकी अदाओं ने 40 और 50 के दशक में हर किसी को अपना दीवाना बना रखा था। बतौर चाइल्ड एक्टर से फिल्मों में डेब्यू करने वाली इस अदाकारा ने लीड एक्ट्रेस तक का किरदार निभाया था। लेकिन इसके आखिरी वक्त में ना तो किसी परिवार वालों ने और ना ही फिल्म इंडस्ट्री से किसी ने इसका साथ दिया। जी हां हम बात कर रहे हैं 50-60 के दशक में बॉलीवुड पर राज करने वाली अभिनेत्री नलिनी जयवंत की। आज उनकी डेथ एनिवर्सरी है।

नलिनी ने साल 2010 में इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था। सफलता के शिखर पर पहुचंने वाली एक्ट्रेस नलिनी अपनी जिंदगी के आखिरी सालों में एक गुमनाम जिंदगी जीने को मजबूर हो गई थीं। उनके फिल्मों से अलविदा कहने के बाद किसी को ये याद तक नहीं रहा था कि बॉलीवुड में नलिनी नाम की भी कोई खूबसूरत अदाकारा थी। बता दें कि खुद नलिनी के परिवार ने भी उनका साथ हमेशा के लिए छोड़ दिया था। जब उनकी मौत हुई थी तो किसी को भी इसकी भनक तक नहीं लगी थी। उनकी लाश कई दिनों तक कमरे में ही पड़ी रही थी।

आपको बता दें कि दिसंबर 2010 में नलिनी जयवंत की जब मौत रहस्यमयी हालत में हुई थी तो यह चर्चा सब आम हो गई थीं। उनकी मौत के बाद एक अनजान शख्स आया और उनके पार्थिव शरीर को एम्बुलेंस में रखकर ले गया। इस मामले में पुलिस में भी कोई शिकायत नहीं की गई थी। बता दें कि नलिनी जयवंत ने दो शादियां की थीं। उनकी पहली शादी 40 के दशक में डायरेक्टर वीरेंद्र देसाई के साथ हुई थी। जिसके बाद उनकी दूसरी शादी एक्टर प्रभु दयाल से हुई थी। जानकारी दे दें कि नलिनी ने बंदिश, नास्तिक, काला पानी, मिस्टर एक्स और किशोरी जैसी की फिल्मों में अभिनय किया।

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जानकारी दे दें कि अपने फिल्मी करियर की शुरुआत नलिनी जयवंत ने 14 साल की उम्र से साल 1941 में आई फिल्म ‘राधिका’ से की थी। लेकिन 50 के दशक तक आते-आते वह ‘समाधि’ और’संग्राम’ जैसी कई फिल्मों के जरिए टॉप की स्टार बन गई थीं। बता दें कि उस वक्त की टॉप एक्ट्रेस मधुबाला को भी नलिनी ने अपनी सुंदरता से टक्कर देती थीं। बता दें कि साल 1952 में फिल्मफेयर मैग्जीन ने एक ब्यूटी पोल रखा था। नलिनी इस ब्यूटी पोल में पहले स्थान पर आई थीं।

लेकिन 60 का दशक तक आते-आते नलिनी जयवंत को फिल्मों में काम मिलना भी बंद हो गया था। जिसके बाद उन्होंने फिल्मों से संन्यास ले लिया और अपनी निजी जिंदगी में व्यस्त हो गई थीं। जिसके बाद साल 1983 में आई फिल्म ‘नास्तिक’ में उन्होंने अमिताभ बच्चन की मां का किरदार निभाया था।

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