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राज ठाकरे के बिगड़े बोल, कहा- “मंत्री नहीं सुनते तो फेंक कर मारो प्याज”

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महाराष्ट्र में प्याज किसानों को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बोल फिर से बिगड़े। बता दें कि हाल ही में किसानों द्वारा प्याज का अधिक उत्पादन होने पर उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा था इस पर भड़के किसानों ने फसल राशि प्रधानमंत्री कार्यालय में दान कर दी थी। इसी पर बुधवार को महाराष्ट्र के नासिक जिले के कलवान में किसानों को संबोधित करते हुए मनसे प्रमुख ने कहा कि अगर “मंत्री आपकी बात नहीं सुनता है या आपकी मांगों को पूरा नहीं करता है तो उन पर प्याज फेके”।

बता दें कि हाल ही में जिले का एक किसान संजय साठे जो कि उस समय खबरों में छा गए थे जब उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिला। अपना विरोध जताने के लिए साठे ने फसल के जो भी पैसे मिले थे उन्हें विरोध के तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया था बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनके मनीआर्डर को लेने से मना कर दिया।

प्रधानमंत्री के कार्यालय द्वारा इस मनी ऑर्डर को ना लेने के पीछे बताएं गया कारण यह है कि प्रधानमंत्री कार्यालय किसी भी तरह का मनीआर्डर स्वीकार नहीं करता है और अगर आप पैसे भेजना भी चाहते हैं तो आपको प्रधानमंत्री कार्यालय को आरटीजीएस या फिर अन्य ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली के जरिए ही पैसे भेजने होंगे।

साठे से जब यह पूछा गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने पैसे लेने से मना कर दिया है तो उन्होंने कहा कि उन्हें बड़ा ही आश्चर्य हुआ जब प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह सुझाव दिया कि उन्हें पैसे आरटीजीएस या अन्य ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजने होंगे उन्होंने कहा कि पैसे विरोध के तौर पर प्रधानमंत्री को भेजे थे जिससे कि प्रधानमंत्री इस ओर कुछ ध्यान देंगे। मुझे अब यह समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर करें तो क्या करें।

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यह मामला तब सामने आया जब महाराष्ट्र के नासिक जिले के किसान संजय साठे को अपने 6 क्विंटल प्याज के आवाज में सिर्फ ₹1008 ही मिले इन पैसों में उन्होंने अपनी ओर से ₹52 जोड़ कर ₹1064 प्रधानमंत्री कार्यालय को मनी ऑर्डर कर दिया।

साठे द्वारा बताया गया कि उनको करीब 750 किलो प्याज के बदले मात्र ₹1064 ही मिले क्योंकि बाजार का भाव ₹1 प्रति किलो रहा और उन्होंने मात्र 1.40 में ही सौदा तय कर पाए। साठे ने कहा कि उन्होंने 4 महीने की अटूट मेहनत के बाद मात्र ₹1064 मिलना बहुत ही दुखद था। इसलिए उन्होंने इस धनराशि को प्रधानमंत्री राहत आपदा कोष में दान कर दिया जिसके लिए उन्हें ₹54 अलग से मनीआर्डर के रूप में देने पड़े।

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