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अगस्ता वेस्टलैंड- रक्षा मंत्री से ज्यादा मिशेल की थी पकड़, कौन सी फाइल कहां जा रही है पहले से था मालूम

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कांग्रेस के लिए मुसीबत बन चुके अगस्ता वेस्टलैंड मामले में अब एक नया मोड़ आया है सीबीआई द्वारा गिरफ्तार ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल ने यूपीए कैबिनेट को अपने इशारों पर चलाने की कोशिश की थी। सीबीआई को मिले एक फैक्स से यह साबित होता है कि क्रिश्चियन ने उस समय के अगस्ता वेस्टलैंड के अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय उपाध्यक्ष गियाकोमो सपोनारो को जनवरी सन 2010 में भेजा था। फैक्स में दावा किया गया है कि उस समय के तत्कालीन वित्त सचिव की मंशा क्रिश्चियन मिशेल को पता चल गई थी जो कि रूस की लॉबी के प्रति सहानुभूति रखते थे।

मिशेल ने यह भी दावा किया कि भारतीय वायु सेना के लिए अमेरिका से खरीदे जाने वाले सिकोरस्की एस-92 हेलीकॉप्टर और रूस के एमआई-17 2 के सौदे को पीछे छोड़ना होगा ताकि यूपीए कैबिनेट अगस्ता वेस्टलैंड के पक्ष में अपना फैसला दे सके। वीवीआईपी स्क्वाड्रन के लिए वायु सेना ने 12 हेलीकॉप्टर का आर्डर दिया था। सीबीआई को मिली फैक्स से इस बात का भी पता चलता है कि मिशेल कि वित्त मंत्री और रक्षा मंत्रालय में काफी पहुंच थी जिससे उसे यह पहले से ही पता चल जाता था कि कौन सी फाइल कहां जा रही है यहां तक कि तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी को मिलने से पहले कौन सी फाइल कहां जा रही है यह भी उसे पता चल जाता था उसने अगस्ता के मालिकों को बताया था कि उसने बहुत सारी बाधाएं पार करने के बाद यह सौदा अपने पक्ष में कर आया था।

सीबीआई ऐसा मान रही है कि मिशेल ने मुंबई स्थित अपने दफ्तर में बैठ के कैबिनेट के अंतिम निर्णय से पहले यह फैक्स भेजा था जिसमें कि उसने यह दावा किया था कि कैबिनेट अपना फैसला अगस्ता वेस्टलैंड के पक्ष में ही इस हफ्ते तक दे देगी। यह भी कहा कि उसे पूरा विश्वास है कि अमेरिका और रूस के दबाव और वित्त सचिव की कीमत को लेकर आरक्षण के बावजूद भी फैसला उसके पक्ष में ही आएगा।बताते चलें कि सुरक्षा की कैबिनेट समिति जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कर रहे थे जिन्हें अगस्ता वेस्टलैंड के 12 वीवीआईपी चॉपर हेलीकॉप्टर के प्रस्ताव को 18 जनवरी सन 2010 में मंजूरी दे दी थी।
मिशेल बताते हैं कि वित्त सचिव का रूसी लॉबी के साथ बहुत ही मजबूत रिश्ता था। मिशेल ने यह भी दावा किया कि वित्त मंत्रालय द्वारा कई नकारात्मक संदेश भेजे गए थे ताकि इस सौदे का समर्थन ना करें। मिशेल पर कई भारतीय राजनेताओं ,नौकरशाहों और वायु सेना के कई अधिकारियों को घूस देने का आरोप है। मिशेल ने सोपोनारो से बातचीत के दौरान यह भी दावा किया कि उन्हें वित्त मंत्रालय की ओर से यह नोट मिला तो उन्होंने यह निर्णय किया कि यह बहुत ही आगे जाएगा।

मिशेल ने सोपोनारो से बातचीत में यह भी बताया कि तब के वित्त सचिव इस बारे में अपने मंत्री से भी बात नहीं की और वह इस फाइल को कैबिनेट समिति के पास जाने से रोकना चाहते थे मिशेल ने सोपोनारो को यह भी बताया कि भविष्य में होने वाली सभी बैठकें और फैसलों की जानकारी उन्हें पहले से ही थी। और भविष्य में होने वाली वित्त मंत्रालय की सौतें पर अपनों को शुक्रवार को वित्त मंत्री के पास भेज दिया जाएगा जिसके बाद वित्त मंत्री इस मामले को सुलझाने के लिए यह मिलेंगे।

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