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स्कूल बंक करके बॉयफ्रेंड से मिलने गई थी, उसके बाद जो हुआ उसकी उसे नही थी उम्मीद

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एक लड़की अपने घर से स्कूल के लिए निकली थी। लेकिन वही रास्ते में एक लड़के ने उसका रास्ता रोककर। उसको मोबाइल फोन गिफ्ट किया। उस लड़के ने लड़की के साथ दोस्ती करने के बाद प्यार का झूठा नाटक किया और उसका दुष्कर्म किया। वही न्यायालय के न्यायाधीश हरीश कुमार अवस्थी ने हाकू उर्फ हसीब अहमद (20) को, नाबालिग लड़की से जबरदस्ती दुष्कर्म करने का आरोपी पाया। और उसको 10 साल की जेल की सजा सुनाई।

और इसके साथ ही अदालत में उसके ऊपर ₹5000 का जुर्माना भी लगा दिया। अगर वह जुर्माना नहीं भरता है। तो उसको 6 महीने की अतिरिक्त जेल भी काटनी होगी। वही अदालत ने आरोपी के ऊपर दो अलग-अलग धाराओं के तहत भी, उसे 4-4 साल की कारावास और, उसके साथ ही ₹4000 का जुर्माना भी लगाया।

दरअसल पूरा मामला यह है कि, 5 नवंबर को आरोपी अपनी कार लेकर। उस पीड़ित लड़की के स्कूल पर पहुंचा था। आरोपी ने अपनी गाड़ी उस लड़की के स्कूल के सामने खड़ी थी। और लड़की को किसी तरह बहला-फुसलाकर घुमाने का बहाना बोलकर, अपनी कार में बिठा लिया। उसके बाद आरोपी उस नाबालिग लड़की को लेकर, पावर हाउस पहुंचा। जहां से उसने अपने एक और साथी मामू उर्फ मोहम्मद नजीर को भी अपने साथ ले लिया। आरोपी व पीड़ित छात्रा दोनों कार की पिछली सीट पर बैठे हुए थे। करीब दोपहर बाद तीनों लोग जवाहर उधान में पहुंचे। उसके बाद आरोपी उसे उसी उधान मैं बने हुए। एक मकान में ले गया। और उसके बाद उसने छात्रा के साथ, वहां पर दो बार दुष्कर्म भी किया। इसके बाद दोनों आरोपी जेवर सिरसा होते हुए। पीड़ित नाबालिग छात्रा को उसके घर के बाहर छोड़कर वहां से भाग गए।

जिस दिन यह घटना हुई। उस दिन वह नाबालिग छात्रा, स्कूल की छुट्टी होने वाले टाइम से पहले ही अपने घर पर पहुंच गई थी। वही उसके घर वालों ने जब पूछा कि, वह इतनी जल्दी घर पर कैसे आ गई। तो वह उनके सवालों के जवाब का गोलमाल करके जवाब देने लगी। वही जब उसके परिजनों को उनके मुताबिक जवाब नहीं मिले। तो उन्होंने उसके बैग की तलाशी ली। जब परिजनों ने उसके बैग की तलाशी ली। तो उसके बैग में मोबाइल फोन सैंडल इत्यादि। मिलने पर उस नाबालिग छात्रा के घरवालों ने उससे सख्ती के साथ पूछताछ की। घरवालों की इतनी सख्ती होने के बाद छात्रा ने अपने घरवालों को अपने साथ हुई पूरी घटना बता दी।

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वही पीड़ित नाबालिग छात्रा ने पुलिस को बताया कि, जिस दिन यह घटना हुई। उसके 1 दिन पहले वह अपने स्कूल की गेट के बाहर खड़ी थी। तो आरोपी युवक उसके पास आया और उससे उसका नंबर मांगने लगा। वही पीड़ित छात्रा ने बताया कि, जब उसने उससे कहा कि, उसका कोई भी मोबाइल नंबर नहीं है। पीड़ित छात्रा ने बताया की दूसरे दिन ही वह उसके लिए। नया मोबाइल खरीद कर ले आया। इसके बाद पीड़ित छात्रा ने बताया कि, आरोपी एक दिन रायपुर भी उसे घुमाने ले गया था। वहां आरोपी ने उसको सेंडल खरीद कर भी गिफ्ट भी दिए थे।

वही लोक अभियोजक सुदर्शन ने बताया कि, इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई एकदम कमजोर थी। क्योंकि पुलिस की कार्रवाई में तीन अलग-अलग जगहों का नाम लिया गया है। कभी जवाहर उधान तो कभी मैत्री गार्डन तो कहीं पर केवल उधान शब्दों का ही प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने कोर्ट को यह तर्क दे दिया है। कि नाबालिक लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ है। यह प्रमाणित हो चुका है। लेकिन वही अगर स्थलों की बात की जाए। तो वह साक्ष्य को बिल्कुल भी प्रभावित नहीं कर रहे हैं। अदालत ने उनकी इस बात को बिल्कुल सही माना। उसके बाद अपना फैसला सुनाया।

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