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नई पेट्रोल-डीजल कारों पर 12,000 रुपए टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है मोदी सरकार, जानें कारण

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प्रदूषण अब एक जटिल समस्या बन चुका है और इसको दूर भगाने के लिए मोदी सरकार दिन प्रतिदिन नए नए प्रयास कर रही है। मोदी सरकार ने इस संबंध में पिछले कुछ समय से लोगों से ये अपील भी की है कि वो अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर अपना ध्यान केंद्रित करें। इससे बढ़ते प्रदूषण में काफी रोक लगने की उम्मीद है।

मालूम हो की मोदी सरकार लगातार इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नयी नयी योजनाएं लाने की तैयार कर रही है। ऐसा इसलिए ताकि प्रदूषण पर रोकथाम लगे साथ ही इस बदलते दौर में लोगों को पेट्रोल-डीज़ल की बजाए इलेक्ट्रिक गाड़ियों की आदत भी पड़ जाए।

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट की माने तो सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी से चलने वाले ऑटोमोबाइल के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई पेट्रोल और डीजल कारों पर 12,000 रुपये (171.09 डॉलर) का शुल्क लगाने की योजना बनाई है।

इस रिपोर्ट के अनुसार नई नीति के तहत भारत सरकार के नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (NITI) ने इलेक्ट्रॉनिक वहां खरीदने वालों को एक इनाम देने की योजना बनाई है।

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दरअसल एनआईटीआई ने प्रोत्साहन राशि के रूप में 25 हज़ार से 50 हज़ार रुपए सीधे खरीदारों को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह इन्सेंटिव कस्टम ड्यूटी, जीएसटी के रूप में दिया जायेगा।

यह भी ज्ञात हो कि नीतिगत कार्यान्वयन के चौथे वर्ष तक ईवी यानी की इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए प्रस्तावित प्रोत्साहन 50,000 रुपये पर 15,000 रुपये तक की कटौती की जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार सरचार्ज का हिस्सा घरेलू बैटरी उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए उपयोग किया जाएगा और सरकार बिजली इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी विकास में लगभग दो बिलियन रुपये खर्च करने की योजना बना रही है।

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