Loading...

अब से बदल गया है इस बैंक का नाम, जानिए इसका ग्राहकों के ऊपर क्या होगा असर

0 40

अगर आप इस बैंक के कस्टमर हैं या आपकी कोई जानकार इस बैंक का कस्टमर है तो ये खबर आपके मतलब की है। ये बहुत ही ज़्यादा आवश्यक खबर है और इसलिए इसको जानना आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

दरअसल जिस बैंक की हम बात कर रहे हैं उस बैंक का नाम है आईडीएफसी बैंक। दरअसल देश के प्राइवेट बैंक आईडीएफसी और नॉन बैंकिंग फाइनैंशल कंपनी कैपिटल फर्स्ट का विलय हो चुका है। जिसके करीब 50 लाख से ज्यादा कस्टमर होंगे। IDFC बैंक का नया नाम IDFC फर्स्ट बैंक हो गया है।

इस विलय से आईडीएफसी को फायदा होगा जिससे वह अपनी संपत्ति को तेजी से बढ़ा सकेगा। वी वैद्यनाथन नए बैंक के एमडी और सीईओ होंगे। वी वैद्यनाथन के नाम पर आरबीआई से मंजूरी मिल गई है।

वहीं राजीव लाल बैंक के नॉन एक्जिक्यूटिव चेयरमैन है। आपको बता दें कि ग्रामीण इलाके में बैंक की करीब 100 शाखाएं है। मौजूदा समय में बैंक की कुल 200 शाखाएं हैं।

Loading...

ग्राहकों पर कैसे होगा इसका असर

अगर हम एक्सपर्ट्स की माने तो उनका कहना है कि इस तरह के केस में बैंक के ग्राहकों पर ज्यादा असर नहीं होता क्योंकि बैंक खुद चेकबुक बदल देता है। साथ ही, ग्राहकों को पासबुक, चेकबुक बदलवाने के लिए ज्यादा समय दिया जाएगा। बैंक इसकी जानकारी एसएमस, ईमेल और फोन के जरिए देता है।

निवेशकों को क्या मिलने की होंगी संभावनाएं

मालूम हो की रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा आईडीएफसी बैंक और कैपिटल फर्स्ट के मर्जर को मंजूरी मिल गई है। निवेशकों के नज़रिए से देखा जाए तो इस मर्जर में कैपिटल फर्स्ट के 10 शेयर के बदले आईडीएफसी बैंक के 139 शेयर मिलेंगे। यानि की घाटे का तो सौदा नहीं होगा ये।

बैंकों के मुखिया को क्या होगा फायदा

बता दें कि इस डील से आईडीएफसी बैंक के मुखिया राजीव लाल और कैपिटल फर्स्ट के चैयरमेन वी विद्यानाथन दोनों को फायदा होने की संभावनाएं हैं।

राजीव लाल के लिए एक बड़ी सफलता साबित होगी। बता दें कि उन्होंने 2014 में बैंक का लाइसेंस लिया था। वहीं कैपिटल फर्स्ट के चेयरमैन वी विद्यानाथन के लिए यह आगे बढ़ने में फायदेमंद साबित होगा।

आईडीएफसी बैंक का मानना है कि इस मर्जर से उसकी बैलेंस शीट और मजबूत होगी। यही नहीं बैंक को अपना हाउसिंग फाइनेंस बिजनेस बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

वहीं वी विद्यानाथन ने कहा कि पहले 2 साल निवेश का फेज होगा। 2 साल के बाद बैंक शानदार ग्रोथ देगा। ऐसी उम्मीद है। और 5 साल में बैंक की रिटेल लोन बुक 1 लाख करोड़ रुपये की होगी।

बता दें कि वर्तमान समय में बैंक की 200 शाखाएं हैं वहीं ग्रामीण इलाके में बैंक की करीब 100 शाखाएं है।

विद्यानाथन के मुताबिक कैपिटल फर्स्ट क्रेडिट का पोर्टफोलियो भी काफी बेहतर है।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.