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मूक-बधिर से हॉस्टल वार्डन ने किया कुकर्म, मासूम 4-5 दिन तक किसी को नहीं समझा पाया अपना दर्द

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शहर के गांधी बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय के वार्डन ने 8 वर्षीय मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया. कुकर्म होने के बाद मासूम चार-पांच दिन तक किसी को अपनी पीड़ा बता भी नहीं पा रहा था. जब मामले का खुलासा हुआ तो विशेषज्ञों की मदद से मासूम के इशारों पर पुलिस ने वार्डन रमेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया.

खुलासा होने से पहले आरोपी हुआ फरार

मंडोर थानाधिकारी आनंद कुमार सांखला ने बताया कि पाली जिले के रहने वाले वार्डन ने मासूम के साथ कुकर्म किया. जब मामले का खुलासा हुआ तो विशेषज्ञों की मदद से पुलिस ने वार्डन के खिलाफ बयान लिए. वार्डन को इसकी भनक लगी तो 1 दिन पहले छुट्टी लेकर फरार हो गया. पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ शुरू कर दी है.

सन 1982 में गांधी जयंती के दिन शुरू हुआ था स्कूल

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स्कूल की शुरुआत 1982 में गांधी जयंती के दिन हुई थी. यह स्कूल उन बच्चों के लिए है जो केवल सांकेतिक भाषा को समझ पाते हैं. यहां रहने वाले बच्चे ना तो ठीक से बोल पाते हैं और ना ही सुन पाते हैं, इस कारण यहां विशेषज्ञ इन बच्चों को पढ़ाते हैं. इन बच्चों को बोलने और सुनने की क्षमता बढ़ाने के लिए स्पीच थेरेपी और श्रवण सहायक यंत्र की सहायता भी दी जाती है. गांधी बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय शहर की प्रतिष्ठित निजी शिक्षण संस्थानों में से एक है. इसके प्रधान संरक्षक राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत है और इसका संचालन जोधपुर बधिर कल्याण समिति करती है.

इस तरह हुआ मामले का खुलासा

इस मामले का खुलासा बड़े सनसनीखेज तरीके से हुआ. दरअसल हॉस्टल के दूसरे वार्डन ने स्कूल प्रिंसिपल बाबूराम यादव को सूचना देते हुए बताया कि कुछ पूर्व छात्र और यहां रहने वाले स्टूडेंट ने वार्डन की पिटाई कर दी. जब इस बात का पता स्कूल प्रशासन को चला तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे जहां पर पूर्व छात्रों ने वार्डन की दरिंदगी के बारे में बताया. जब तक पुलिस यहाँ पहुंची तब तक छात्र भाग खड़े हुए, लेकिन वो इशारों ही इशारों में वार्डन की इन हरकतों की शिकायत भी कर गए. स्कूल प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए हर बच्चे से बात करने की कोशिश की जिसमें संदिग्ध गतिविधियां नजर आई. इस स्कूल के प्रिंसिपल यादव ने वार्डन को बच्चों से दोबारा बात करने को कहा. जब वार्डन को अपना भांडा फूटता दिखा तो वो किसी और को छुट्टी की एप्लीकेशन देख कर एक दिन पहले ही हॉस्टल से फरार हो गया.

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