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खुशखबरी: रेलवे ने Waiting और RAC टिकट वालों को कंफर्म सीट देने के लिए निकाला ये तरीका

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हम सबको ट्रेन से सफर करने का अनुभव तो होगा ही लेकिन सफर करने से ज़्यादा टिकट को कन्फर्म करने का अनुभव ज़्यादा होगा। जब कन्फर्म नहीं होती तब हम उम्मीद करते है कि कम से कम आरएसी ही हो जाए तो। ऐसे लीगली हम सीट पर बैठ तो सकते ही हैं। लेकिन कई बार टिकट वेटिंग में ही अटक कर रह जाता है। हालांकि टिकट कन्फर्म या आरएसी हो जाए इसको लेकर हम काफी मशक्कत करते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

दरअसल अब ट्रेन में सफर करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। बता दें कि जल्द ही भारतीय रेलवे आपके लिए ऐसी योजना को लागू करने वाला है जिससे वेटिंग और RAC टिकट को कन्फर्म कराना और भी आसान हो जाएगा।

इस संबंध में स्वयं रेलवे मंत्री ने ट्वीट करके जानकारी दी। ये देखिए उनका ट्वीट:

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दरअसल इस संबंध में रेलवे देशभर में अपने नेटवर्क में सभी TTE (Travelling Ticket Examiner) को एक टेबलेट डिवाइस देगा जिसके जरिये टीटीई ट्रेन का रियल टाइम ऑक्यूपेंसी स्टेटस अपडेट कर पाएंगे।

इस डिवाइस का नाम Hand Held Terminal (HHT) है। और इस टैबलेट से आपको रियल टाइम में अपनी सीट कंफर्म कराने में आसानी होगी।

रेलवे मंत्रालय के सूत्रों की अगर माने तो रेलवे ने 550 HHT डिवाइस अपने नेटवर्क में बांटने की योजना बनाई है। सबसे पहले शताब्दी और राजधानी ट्रेनों में इस डिवाइस का प्रयाग किया जाएगा। इस पहल का रिस्पॉन्स मिलने के बाद रेलवे रिजर्व्ड कोच वाली हर ट्रेन के टीटीई को यह डिवाइस उपलब्ध कराएगा।

ऐसे काम करेगा ये डिवाइस

ये डिवाइस इसलिए ख़ास है क्योंकि इस डिवाइस के जरिए टीटीई ट्रेन के चलने के बाद सीटों की रियल टाइम स्थिति के बारे में सर्वर को अपडेट कर सकेंगे।

यानी कितनी बर्थ ऑक्यूपाई हो गई हैं और कितनी खाली हैं। इन सब का पता जल्दी और आसानी से चल पाएगा। अब ऐसे में अगर कोई रिजर्व्ड बर्थ खाली मिलती है तो इस बर्थ को HHT डिवाइस पर अपडेट कर दिया जाएगा।

ट्रेन के रूट में आगे आने वाले स्टेशनों पर अगर किसी के पास वेटिंग या RAC टिकट है तो उसे रियल टाइम में सीट उपलब्ध करा दी जाएगी।

दरअसल रेलवे का मानना है कि वो इस डिवाइस के जरिए खाली पड़ी सीट्स का बेहतर मैनेजमेंट कर पाएगा और जरूरतमंद लोगों को समय से सीट उपलब्ध करा पाएगा।

GPRS से रहेगा हमेशा कनेक्ट

इस डिवाइस के खास फीचर्स यह हैं कि GPRS के माध्यम से सोर्स चार्ट, बुकिंग लिस्ट और दूर-दराज के लोकेशन के चार्ट भी डाउनलोड कर सकेगा। इसके साथ ही यह हर स्टेशन से ट्रेन के निकलने के एक घंटे में कैंसल किए हुए टिकट को भी चार्ट में अपडेट कर सकेगा। यानि की यात्रियों को फायदा ही फायदा और समय जो बचेगा वो अलग।

पेपर का उपयोग घटाने की है पहल

दरअसल भारतीय रेलवे के मुताबिक सभी ट्रेनों में HHTs की सुविधा प्रदान करने के बाद पेपर चार्ट के बदले ई-चार्ट अपलोड किए जाएंगे। इससे पेपर की बचत होगी जो हमारे ही काम आएगा।

कंप्यूटराईजेशन होगा पूरा काम

बता दें कि इसके साथ ही ऑनबोर्ड पैसेंजर इंटरफेस ऑपरेशंस का कंप्यूटराईजेशन किया जाएगा। यानि कि इनको पूरी तरीके से कम्प्यूटरीकृत किया जाएगा।

मालूम हो कि जब यह पूरी तरह इस्तेमाल में आ जाएंगे तो इनके जरिए यात्रियों को ऑनबोर्ड टिकट देने और डिजिटल माध्यम से पेमेंट करने का भी ऑप्शन मिलेगा।

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