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अब सिर्फ 50 हज़ार में शुरू करें ये बिज़नस, 3.5 लाख तक की हो सकती है कमाई

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आज हम आपको ऐसे बिज़नस के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमे इन्वेस्टमेंट तो बहुत कम है और वहीं इन्वेस्टमेंट को देखते हुए लाभ काफी ज्यादा है। दरअसल जिस बिज़नस की हम आज बात बताने जा रहे हैं उसमें आपको आयर्वेदिक प्रोडक्ट्स बनाने की यूनिट लगानी है।

दरअसल हाल के कुछ सालों में आयुर्वेद का चलन बढ़ा है। इसको और बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रधानमंत्री इम्‍प्‍लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) लाई है। इस स्कीम के तहत 90 फीसदी तक लोन आपको मिल जाएगा वहीं 25 फीसदी तक सब्सिडी दे भी उपलब्ध होगी।

बता दें कि आयुर्वेदिक प्रोडक्‍ट्स में वटी गुटिका की डिमांड बहुत ज़्यादा है। लगभग हर आयुर्वेदिक कंपनी वटी गुटिका बनाकर बेच रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह आयुर्वेदिक दवा कई तरह की बीमारियों में काम आती है। मसलन, गले की खराश, कब्‍ज, एलर्जी जैसी बीमारियों में तुरंत राहत देने में ये दवा काफी उपयोग में लाई जाती है।

अगर आपको भी इसमें कोई यूनिट लगानी है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खादी विलेज इंडस्‍ट्रीज कमीशन (KVIC) के सैंपल प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल में वटी गुटिका बनाने वाली मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट के प्रोजेक्‍ट को भी शामिल किया है।

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क्या होगी प्रोजेक्ट कोस्ट

बता दें कि इनकी प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट लगभग 5 लाख रुपए है और प्रधानमंत्री इम्‍प्‍लॉयमेंट जनेरशन प्रोग्राम के तहत अगर आप लोन के लिए अप्‍लाई करते हैं तो आपके पास 50 हजार रुपए होने चाहिए, अब आप सोच रहे होंगे तो बाकी रुपए कहाँ से आयंगे तो हम आपको बता दें कि शेष 90 फीसदी रकम आपको लोन के रूप में मिल जाएगी। मालूम हो की इस कॉस्‍ट में आप साल भर में लगभग 20 हजार वटी गुटिका तैयार करेंगे।

क्या होगी प्रोजेक्ट रिपोर्ट और कैसे बनाएं इसको

बता दें कि आप को KVIC के प्रधानमंत्री एम्प्लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम में अप्लाई किए हुए लोन की प्राप्ति के लिए एक प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इस प्रोजेक्ट रिपोर्ट में आपको कुछ ऐसे सुचना देनी होगी:
बिल्डिंग का किराया : 2 लाख सालाना
इक्‍वीपमेंट : 2 लाख 10 हजार
वर्किंग कैपिटल : 96 हजार
रॉ मैटिरियल : 3.35 लाख
लेबल पैकेजिंग : 25 हजार
सैलरी : 4.25 लाख
एडमिनिस्‍ट्रेटिव खर्च : 1.50 लाख
ओवरहेड : 1.50 लाख
विविध खर्च : 10 हजार
लोन का ब्‍याज : 66 हजार
वर्किंग कैपिटल की जरूरत (सालाना) : 4.18 लाख
वेरिएबल कॉस्‍ट : 7.38 लाख
वर्किंग कैपटिल तिमाही : 96 हजार

सरकार की तरफ से मिलेगी ट्रेनिंग

अगर आपको ये संशय है कि ये बिज़नस किया कैसे जाएगा तो यहां पे भी सरकार आपकी मदद को तत्पर है। जी हां, दरअसल सरकार प्रधानमंत्री इम्‍प्‍लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम के तहत लोन देने से पहले बिजनेस से संबंधित ट्रेनिंग भी देती है। इसमें बिजनेस की बारीकियां एवं अन्य सभी चीज़ें सिखाई जाती हैं जिनकी आवश्यकता आपको बिज़नस में पड़ती है।

प्रॉफिट कितना होगा

उपरोक्त दी गई प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट में आपको ये भी बताना होगा कि आपको सालाना कितना फायदा होगा। जैसे कि, उपरोक्त आंकड़ो की ही माने तो फिक्‍सड कॉस्‍ट और वेरिएबल कॉस्‍ट से आपका कॉस्‍ट ऑफ प्रोडक्शन 11 लाख 54 हजार रुपए होगा।

अब चूंकि आपने 20 हजार वटी या गुटिका बनाने का टारगेट रखा है और मान लीजिए की आप इसे 75 रुपए प्रति पीस बेचते हैं तो आपकी कुल सालाना सेल्‍स 15 लाख रुपए होगी। इसका मतलब यह है कि आपको लगभग 3.45 लाख रुपए का प्रॉफिट हो सकता है।

अप्लाई कैसे करें

अब अगर आप इस प्रोजेक्‍ट के लिए लोन लेना चाहते हैं तो आपको क्या करना होगा आइए आपको बताते हैं। दरअसल अब आप ऑनलाइन अप्‍लाई कर सकते हैं या अपने जिले के जिला उद्योग केंद्र या खादी विलेज इंडस्‍ट्रीज कमीशन के जिला कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। ऑनलाइन अप्‍लाई के लिए यहां क्लिक करें

https://www.kviconline.gov.in/pmegpeportal

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