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केजरीवाल की आप का हुआ विधानसभा चुनावों में बुरा हाल, Nota से भी कम मिले वोट

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पांच राज्यों के चुनाव अब खत्म हो चुके हैं। तीन राज्यों में कोंग्रेस ने बाजी मारी है वहीं बाकि दो राज्यों में टीआरएस और एमएनएफ ने अपना परचम लहराया है। भारतीय जनता पार्टी को इस चुनाव में काफी नुकसान हुआ है लेकिन बीजेपी के अलावा एक और पार्टी है जिसको इन चुनावों में बेहद हानि हुई है और वो है दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी।

चार राज्यों में 486 सीटों पर लड़ा चुनाव
आप ने मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना अपने प्रत्‍याशी उतारे। इन चार राज्‍यों की 633 सीटों पर हुए चुनाव में पार्टी ने 486 विधानसभा क्षेत्रों में आप ने चुनाव लड़ने का फैसला किया।

मध्‍य प्रदेश में पार्टी ने 230 सीटों में से 208 पर, छत्तीसगढ़ में 90 में से 85 पर, राजस्‍थान में 199 में से 142 पर और तेलंगाना के 119 में 41 सीटों पर प्रत्‍याशियों को उतारा।

लेकिन पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशजनक रहा। एक भी सीट पर पार्टी का प्रत्‍याशी का खाता नहीं खुला। दिलचस्प बात ये है कि पार्टी को नोटा से भी कम वोट मिले हैं।

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नोटा से भी कम मिले वोट

केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटों में से 85 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। यहां आप को 0.9 प्रतिशत वोट ही मिले। ये आंकड़े नोटा में पड़े वोट प्रतिशत से भी कम हैं।

वहीं राजस्‍थान की बात करें तो यहां 200 सदस्यीय विधानसभा के लिए आप ने 142 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किये थे। लेकिन राजस्थान में आप को सबसे कम 0.4 प्रतिशत वोटों से ही संतोष करना पड़ा। यहां पे भी इनका वोट प्रतिशत नोटा में पड़े वोटों की गिनती से काफी कम रहा।

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