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जल्द बनके तैयार हो जाएगा विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे पुल, पीएम मोदी करेंगे उद्धाटन

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नॉर्थईस्ट फ्रंटीयर रेलवे (NFR) की ओर से मणिपुर में दुनिया का सबसे लंबा रेलवे ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। बता दें कि इस ब्रिज को भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है।

एनएफआर के एक प्रवक्ता ने बताया कि पुल का निर्माण 111 किलोमीटर लंबी जिरीबाम-तुपुल-इम्फाल नई ब्रॉड गेज लाइन की योजना के तहत किया जा रहा है।

बता दें कि यह पुल मणिपुर की आइरिंग नदी पर बन रहा है। हाल ही में मंत्रालय की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक, इस पुल की ऊंचाई 141 मीटर होगी जो कि यूरोप के मोंटेनेग्रो में बने 139 मीटर लंबे ब्रिज से भी ऊंचा होगा।

वैसे एक्सपर्ट्स की माने तो ये अनुमान लगाया जा रहा है कि इस पुल का निर्माण 2020 तक पूरा हो जाएगा। बता दें कि इस नई ब्राड गेज लाइन की कुल लंबाई 703 मीटर हो सकती है।

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इस पुल में कुल 45 सुरंगे होंगी। इसमें एक सुरंग ऐसी है जिसकी लंबाई 10.80 किलोमीटर होगी। यह पूर्वोत्तर राज्यों की सबसे लंबी सुरंग होगी।

सबसे खास बात ये है कि इस पुल के निर्माण से बिहार से पांच राज्यों मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, सिक्किम व नगालैंड तक यात्रा आसान हो जाएगी।

स्वयं प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के अवसर पर इस नए पुल का उद्घाटन करेंगे

एक रेलवे के अधिकारी के मुताबिक ‘मोदी इस पुल का उद्घाटन करंगे। इस पुल की आधारशिला 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने रखी थीं, लेकिन इसका निर्माण कार्य अप्रैल 2002 में ही शुरू हो पाया, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रेल मंत्री नीतीश कुमार के साथ इसका शिलान्यास किया था।

स्वयं पियूष गोयल ने बताया इसके बारे में

रेलमंत्री पियूष गोयल ने इस पुल के बारे में संपूर्ण जानकारी देते हुए सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म ट्विटर पे एक ट्वीट के माध्यम से सभी को इस विषय में सुचना दी। ये दिखिए ट्वीट।

4.94 किलोमीटर है पुल की लंबाई

जानकारी के लिए बता दें कि पूर्वोत्तर के राज्य असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने इस पुल की लंबाई 4.94 किलोमीटर है।

5800 करोड़ है लागत

बताया जा रहा है कि बोगीबील पुल की अनुमानित लागत 5800 करोड़ रुपए है। इस पुल का निर्माण विदेश की अत्याधुनिक तकनीक इस्तेमाल से किया गया है। इस पुल के बन जाने से ब्रह्मपुत्र के दक्षिणी किनारे और उत्तरी किनारे पर मौजूद रेलवे लाइन आपस में जुड़ जाएंगे।

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