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PM मोदी के इन दो बड़े फैसलों का कायल हो गया IMF, जमकर की मोदी की तारीफ

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भारतीय राजनीति में जहां प्रधानमंत्री नरेंद मोदी की आर्थिक नीतियों को विपक्ष लगातार अपने निशाने पे लिए हुए है वहीं ग्लोबल लेवल पे मोदी की आर्थिक नीतियों की तारीफ हो रही है।

इसमें ताज़ा नाम अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुख्य अर्थशास्त्री मौरिस ओब्स्टफील्ड का जुड़ गया है। मौरिस ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की तारीफ की है। इसके साथ ही उन्‍होंने सरकार के दो बड़े फैसलों का समर्थन किया है।

अब जाहिर है आप जानना चाहते होंगे कि कौन से हैं को दो फैसले। चलिए आपको बताते हैं। वो दो बड़े फैसले हैं- गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स (GST) और इन्‍सॉल्‍वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड लॉ (IBC)।

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आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री ओब्स्टफील्ड ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आर्थिक मोर्चे पर भारत में कई बड़े बदलाव हुए हैं। और ये काफी कठिन बदलाव थे क्योंकि भारत में काफी जनसँख्या है ऐसे में इतने कड़े और बड़े फैसले लेना और फिर उनको क्रियान्वित कराना अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

ओब्स्टफील्ड के मुताबिक जीएसटी और बैंकरप्सी लॉ सरकार की बड़ी आर्थिक उपलब्‍धियों में से है। इस सरकार ने जो भी फैसले लिए, वो बेहद अहम हैं।

वहीं ग्रोथ रेट पर भी मौरिस ओब्स्टफील्ड ने अपने विचार रखे और बोले, एनडीए सरकार में भारत के ग्रोथ रेट के मामले में साढ़े चार सालों में शानदार परफॉर्मेंस दिया है।

हालांकि इस साल के तीसरे क्‍वार्टर में थोड़ी सुस्‍ती आई है, लेकिन कुल मिलाकर साढ़े चार सालों में ग्रोथ रेट अच्‍छा रहा है।

उधर उन्होंने मोदी सरकार को बैंकिंग सिस्‍टम को बेहतर बनाने की सलाह दी। उन्‍होंने कहा कि कॉरपोरेट कर्ज सरकार को विरासत में मिली है इसलिए इससे निपटना आसान नहीं है।

ओब्स्टफील्ड के मुताबिक मोदी सरकार बैंकिंग सिस्‍टम को दुरुस्‍त करने में लगी है लेकिन इस पर अधिक काम करने की जरूरत है।

जानकारी के लिए बता दें कि 66 साल के मौरिस ओब्स्टफील्ड का कार्यकाल इस महीने पूरा हो रहा है। उनकी जगह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में भारतीय मूल की प्रोफेसर गीता गोपीनाथ को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रमुख अर्थशास्त्री नियुक्त किया गया है।

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