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अब Delhi-NCR में दौड़ेगी रैपिड ट्रैन, 160 किमी/घँटा होगी रफ्तार, 25,000 करोड़ आएगी लागत

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अब बहुत जल्द ही दिल्ली एनसीआर और आसपास के इलाकों में रैपिड रेल आपको दौड़ती हुई नजर आ सकती है। दरअसल रैपिड रेल के चलने पर अब सरकार ने हरी झंडी दे दी है और जल्द ही रैपिड रेल दिल्ली एनसीआर और आसपास और आसपास के लोगों को एक दूसरे से जोड़ने लिए उपलब्ध होगी।

दरअसल ये रैपिड रेल की 180 किलोमीटर लंबी दिल्ली-रेवाड़ी-अलवर कॉरिडोर योजना है। गुरुवार को एनसीआर परिवहन निगम की बोर्ड बैठक में इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिल गई है।

इस कॉरिडोर पर 24,975 करोड़ रुपए खर्च आने की संभावना है और इसमें से 20 फीसदी राशि केंद्र सरकार और इतनी ही राशि राज्य सरकारें देंगी। इसके अलावा 60 फीसदी हिस्से की राशि लोन के जरिए जुटाई जाएगी।

हालांकि इन सब से पहले इस डीपीआर को राज्यों की स्वीकृति के लिए दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सरकार को भेजी जाएगा।

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ट्रेन भागेंगी 160 किमी की रफ्तार से

इस कॉरिडोर पर 124 किलोमीटर ट्रैक ऐलीवेटेड तथा 56 किलोमीटर ट्रैक भूमिगत होगा। दिल्ली से अलवर के बीच रैपिड रेल ट्रैक पर कुल 19 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से नौ स्टेशन भूमिगत और दस स्टेशन ऐलीवेटेड बनाए जाएंगे।

71 किलोमीटर का ट्रैक एलिवेटेड होगा, जबकि 35 किलोमीटर का अंडरग्राउंड होगी। इस ट्रैक पर औसतन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेंगी।

कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली से अलवर के बीच 180 किलोमीटर की दूरी तय करने में महज 104 मिनट का समय लगेगा। पहले चरण में 106 किलोमीटर हिस्से का यानी की सराय काले खां से शाहजहांपुर नीमराना बहरोड तक का निर्माण होगा। रैपिड रेल नौ कोच की होगी और 5 से 10 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होगी।

इंटरचेंज की सुविधा कहां मिलेगी

दिल्ली में सराय काले खां पर इसका स्टेशन होगा, जो हजरत निजामूद्दीन रेलवे स्टेशन और वहीं बने मेट्रो व बस अड्डे से भी जुड़ेगा। इस लाइन का एक स्टेशन जोरबाग मेट्रो के समीप होगा। मुनीरका और एरोसिटी मेट्रो स्टेशन से भी इस लाइन के स्टेशन जुड़ेंगे।

वहीं अगर गुड़गांव की बात करें तो गुड़गांव में उद्योग विहार स्टेशन पर रैपिड मेट्रो और प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन से गुड़गांव रेलवे स्टेशन को जोड़ा जाएगा।

खड़की दौला स्टेशन पर प्रस्तावित बावल मेट्रो स्टेशन और प्रस्तावित बस टर्मिनल, पंचगांव में प्रस्तावित मल्टी बॉडल हब और बावल स्टेशन पर बावल बस स्टैंड से इंटरचेंज की सुविधा होगी।

दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर में आया फंड का चक्कर

दिल्ली-मेरठ के पहले कॉरिडोर में अभी फंड का पेंच फंसा हुआ है।अभी दिल्ली सरकार ने दिल्ली-मेरठ के पहले कॉरिडोर को भी फंड की किल्लत व एलिवेटेड पर आपत्ति जताते हुए मंजूरी नहीं दी है।

बता दें कि 90 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का निर्माण जुलाई 2018 में शुरू हो जाना था। दिल्ली -मेरठ के इस कॉरिडोर पर 18 स्टेशन होंगे।

ट्रेक की बात करें तो 30 किलोमीटर का ट्रैक भूमिगत, जबकि 60 किलोमीटर का एलिवेटेड बनाया जाने की योजना है।

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