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आज जयललिता की दूसरी पुण्यतिथि, ऐसे बनी थीं सुपरस्टार से तमिलनाडु की सीएम

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साउथ की सुपरस्टार और तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता की आज 5 नवंबर को दूसरी पुण्यतिथि है। आज ही के दिन 2 साल जयललिता हमेशा के लिए इस दिन दुनिया को अलविदा कहकर चली गई थीं। कर्नाटक के ब्राह्मण परिवार में 24 फरवरी 1948 को जयललिता का जन्म हुआ था। तमिल फिल्मों के अलावा उन्होंने राजनीति में भी अपना मुकाम हासिल किया था। उनकी पुण्यतिथि के मौके पर आज हम उनकी जिंदगी से जुड़ी हुई कुछ महत्वपूर्ण बातों को जानते हैं।

आपको बता दें कि जयललिता ने 13 साल की उम्र में ही अंग्रेजी फिल्म ‘एपीसल’ से अपने फिल्मी करियर की शुरूआत की थी। फेमस तमिल एक्ट्रेस के रूप में उन्होंने खूब नाम कमाया था। साउथ फिल्मों के सुपरस्टार एमजीआर को वह अपना गुरु माना करती थीं। उन्होंने उनके साथ करीब 28 फिल्मों में काम किया। जयललिता ने तेलुगू, तमिल, कन्नड़ और एक हिंदी फिल्म सहित करीब 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। उन्होंने बतौर एक्ट्रेस साल 1980 में आखिरी तमिल फिल्म ‘थेड़ी वंधा कादला’ की थी।

जयललिता को 1983 में एमजीआर पार्टी ने अपना सचिव नियुक्त किया साथ ही राज्यसभा के लिए भी मनोनित किया था। बताया जाता है उनकी अंग्रेजी अच्छी होने की वजह से एमजीआर उन्हें राजनीति में लाए थे। जिसके बाद अन्ना द्रमुक एम जी रामचंद्रन के निधन को होते ही दो हिस्सों में बंट गया था। जिसके एक हिस्से का नेतृत्व उनकी पत्नी जानकी कर रहीं थी वहीं दूसरे हिस्से का जयललिता कर रही थीं। तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष पी एच पांडियन ने उस वक्त जयललिता के ग्रुप के 6 सदस्यों को राजनीति के अयोग्य करार दिया था। बता दें कि तमिलनाडु की पहली महिला मुख्यमंत्री जानकी रामचंद्रन बन गई थीं।

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फिर राष्ट्रपति शासन के बाद जयललिता के गुट ने साल 1989 में हुए विधानसभा चुनावों में 27 सीटें जीत ली थीं और विपक्ष की नेता बनकर वह वापस लौटी थीं। जिसके बाद तमिलनाडु विधानसभा में 25 मार्च 1989 को बजट पेश किया जा रहा था। उस दौरान भी द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच काफी तनातनी चल रही थी। उस वक्त जब ऐसे में जयललिता सदन से बाहर निकल रही थीं तो उन्हें डीएम के एक सदस्य ने काफी रोकने की कोशिश की। लेकिन उस दौरान जयललिता की साड़ी का पल्लू और खुद जयललिता भी जमीन पर गिर गई थीं। जिसके बाद उस दिन तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता ने कसम खाई थी कि अब वह मुख्यमंत्री बनकर ही सदन वापस लौटेंगी और साल 1991 में जयललिता पहली बार मुख्यमंत्री बनी थीं।

जिसके बाद साल 1996 में बतौर सीएम पांच साल पूरा होने के बाद जयललिता फिर से चुनाव की तैयारी कर रही थी कि उन पर तभी आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में 48 केस दर्ज किए गए थे। उस वक्त उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। जिसके बाद जब CBI ने इस मामले को लेकर उनके घर पर छापा मारा तो उनके पास करीब 10,500 महंगी साड़ियां मिली थीं। केवल इतना ही नहीं CBI द्वारा मारे गए इस छापे में डेढ़ किलो रत्नों से जड़ी कमर की पेटी और कई किलो सोना भी जब्त किया गया था। जिसके बाद जयलिलता को बेंगलुरु की एक अदालत ने 27 सितंबर 2014 को आय से ज्यादा संपत्ति होने के मामले में चार साल के कैद की सजा सुनाई थी।

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