Loading...

अगर हथेली पर हैं दो भाग्य रेखाएं तो मिलेगा अपार सुख, वहीं अगर ये रेखा है कटी तो मिलेगा संघर्ष

0 20

हमारी हथेली में कई प्रकार की रेखाएं होती हैं, जैसे- जीवन रेखा, विवाह रेखा, मस्तिष्क रेखा, सूर्य रेखा, बुध रेखा, हृदय रेखा, भाग्य रेखा आदि।

हर रेखा का अपना एक अलग महत्व होता है। सभी रेखाएं व्यक्ति के जीवन में जीवन में में अलग अलग बदलाव लेकर आती है, फिर चाहे वह अच्छा हो या बुरा।

हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार भाग्य रेखा बताती है कि व्यक्ति भाग्यशाली है या नहीं। भाग्य रेखा का बहुत महत्व होता है। जिसकी भाग्य रेखा अच्छी होती है उसको जीवन में सफलता बहुत मिलती है, ऐसा माना जाता है। कई ज्योतिषियों का मानना है की भाग्य रेखा पर व्यक्ति के जीवन में आने वाली वाली परेशानियां या सुख के पल पल निर्भर करते हैं। यानी की भाग्य रेखा बहुत महत्वपूर्ण रेखा बहुत महत्वपूर्ण रेखा होती है तो आईए इसके बारे में जानते हैं।

कहां होती है भाग्य रेखा

Loading...

भाग्य रेखा सामान्यत: जीवन रेखा, मणिबंध, मस्तिष्क रेखा, हृदय रेखा या चंद्र पर्वत से प्रारंभ होकर शनि पर्वत (मध्यमा उंगली के नीचे वाला भाग शनि पर्वत कहलाता है) की ओर जाती है।

क्या होते हैं भाग्य रेखा के प्रभाव

जैसी भाग्य रेखा होती है वैसे ही उसके प्रभाव भी होते हैं। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार अगर भाग्य रेखा अच्छी है तो इसका मतलब है कि आपके जीवन में भी सब कुछ अच्छा ही होगा किंतु अगर इस रेखा में कुछ गड़बड़ है तो जीवन में भी गड़बड़ी होने की संभावनाएं बढ़ जाती है।

1- अगर हथेली में भाग्य रेखा जीवन रेखा से प्रारंभ हो तो व्यक्ति खुद की मेहनत से काफी अधिक धन प्राप्त करता है।

2- यदि किसी व्यक्ति की हथेली में भाग्य रेखा मणिबंध से प्रारंभ होकर शनि पर्वत तक गई हो और दोष रहित है तो व्यक्ति भाग्यशाली होता है। ऐसे लोग जीवन में सफलताएं प्राप्त करते हैं।

3- अगर किसी की हथेली में दो भाग्य रेखाएं हो तो समझ लें, उसे जीवन में सभी सुख-सुविधाएं मिल सकती हैं, भाग्य के साथ व्यक्ति धनवान बन सकता है।

4- यदि भाग्य रेखा हथेली को पार करते हुए मध्यमा उंगली (मिडिल फिंगर) तक जा पहुंचे तो यह अशुभ योग दर्शाती है। ऐसा व्यक्ति खुद की गलतियों से हानि उठाता है।

5- यदि चंद्र पर्वत से निकलकर कोई अन्य रेखा भाग्य रेखा के साथ-साथ चले तो व्यक्ति की शादी अत्यंत धनी परिवार में होती है।

वह व्यक्ति किसी स्त्री की मदद से सफलताएं प्राप्त करता है। जिसे हम साधारण भाषा में लेडी लक भी बोलते हैं।

6- जिन लोगों की हथेली में भाग्य रेखा चंद्र क्षेत्र से प्रारंभ हुई है, वे दूसरों की मदद या प्रोत्साहन से सफलता प्राप्त करने वाले हो सकते हैं।

7- भाग्य रेखा हृदय रेखा पर रुक जाए तो व्यक्ति प्रेम संबंध के कारण असफलताएं प्राप्त करता है, लेकिन यह रेखा हृदय रेखा के साथ गुरु पर्वत तक जा पहुंचे तो वह व्यक्ति प्रेम संबंध से सफलताएं प्राप्त करता है।

8- भाग्य रेखा टूटी हुई या अन्य रेखाओं से कटी हुई हो तो यह भाग्यहीनता का संकेत है।

9- भाग्य रेखा हथेली के प्रारंभ से जितनी अधिक दूरी से शुरू होती है, व्यक्ति का भाग्योदय उतने ही विलंब से होता है।

10- यदि भाग्य रेखा किसी स्थान पर जीवन रेखा को काट दे तो उस आयु में व्यक्ति को कोई अपमान या कलंक झेलना पड़ सकता है।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.