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नेवी ने दिया अनिल अंबानी को करारा झटका, ज़ब्त की करोड़ों की गारंटी, हो सकता है कॉन्ट्रेक्ट कैंसिल

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मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी के दिन इन दिनों काफी खराब चल रहे हैं। वो जो काम कर रहे हैं उसमें सफलता प्राप्त हो रही है।

मार्केट में उनकी कंपनी की रेपुटेशन दिन प्रतिदिन घटती जा रही है। ऐसे में उनको एक और झटका लगा है और ये झटका अनिल अंबानी को और किसी ने नहीं बल्कि भारतीय नौसेना ने दिया है।

दरअसल भारतीय नौसेना ने अनिल अंबानी के साथ एक सौदा किया था जिसके तहत उनको यह यानि कि अनिल अंबानी को दिए गए समय में एक प्रोजेक्ट को पूरा करना था लेकिन वो उस प्रोजेक्ट को पूरा करने में सक्षम नहीं रहे और नौसेना ने इसकी सजा उनको दी है।

दरअसल अनिल अंबानी की कंपनी RNEL को भारतीय नौसेना से किए गए समझौते के तहत पांच समुद्री गश्ती नौकाएं (naval offshore patrol vessels) बनाकर नेवी को देनी थीं।

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इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन खत्म हुए चार साल से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद नौसेना ने रिलायंस की बैंक गारंटी जब्त कर ली है। सूत्रों के मुताबिक यह बैंक गारंटी कुल सौदे का 10 फीसदी थी।

नौसेना प्रमुख ने दी जानकारी

इस बात की जानकारी नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा ने दी। उन्होंने कहा, ‘जहां तक RNEL का सवाल है, उनके साथ कोई अलग व्यवहार नहीं किया गया है। उनकी बैंक गांरटी को नेवी ने जब्त कर लिया है। कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

2011 में किया था सौदा

नेवी और पिपावाव डिफेंस एंड ऑफशोर इंजीनियरिंग (Pipavav Defence and offshore Engineering) के बीच यह सौदा 2011 में किया गया था। 2016 में अनिल अंबानी समूह ने इसे खरीद लिया। तब से अब तक यह प्रोजेक्ट कई बार डिले हो चुका है और फिलहाल अपने तय समय से चार साल लेट चल रहा है।

और भी बड़े सौदे की हो रही बात

हालांकि भारतीय नौसेना ने अनिल अंबानी की कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट को कैंसिल नहीं किया है। यही नहीं नौसेना अब एक और प्रोजेक्ट की ओर देख रही है जिसमें 20000 करोड़ रुपए की लागत आ सकती।

यह प्रोजेक्ट landing platform docks (LPDs) बनाने का प्रोजेक्ट है। फिलहाल इस प्रोजेक्ट के कमर्शियल प्रपोजल खुले नहीं है और इनका खुलना अभी बाकी है।

राफेल घोटाले में भी आ चुका है नाम

बता दें कि अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस इससे पहले राफेल जेट फाइटर डील से जुड़े विवाद में भी फंसी है। 58,000 करोड़ की इस डील के बारे में कांग्रेस ने रिलायंस पर घोटाले का अारोप लगाया था।

कांग्रेस के आरोप के मुताबिक मोदी सरकार ने जानबूझकर अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए राफेल में घोटाला किया जिससे अंबानी की मदद हो सकी और उनकी कंपनी जो की खराब स्थिति में चल रही है उसके दिन अच्छे आ सकें। ऐसे आरोप लगाकर कांग्रेस ने हाल ही में ढेर सारी राजनीति भी की है जिससे अनिल अंबानी की कंपनी की प्रतिष्ठा पर भी काफी नुकसान पहुंचा है।

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