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क्रिकेटर बाप-बेटों की 4 ऐसी जोड़ियां, जहां पिता बने सुपरहिट तो बेटे हुए सुपरफ्लॉप

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क्रिकेट में हमने अब तक कई पिता पुत्र की जोड़ियां देखीं हैं लेकिन कुछ ऐसी भी जोड़ियां हैं जो चर्चा का विषय बनी। ऐसा इसलिए की इन सब जोड़ियों में एक बात समान थी और वो ये की पिता जहां अपने देश की तरफ से खेलते हुए नई उपलब्धियों तक पहुचे तो वहीं बेटे उनकी बराबरी तो छोड़िए कहीं आस पास भी नहीं दिखे।

आज हम ऐसी ही कुछ पिता-पुत्र की जोड़ियों की बात करने जा रहे हैं जहां पे पिता ने अपनी कामयाबी के झंडे गाड़े तो वहीं बेटों को असफलताओं के अलावा कुछ देखने को नसीब नहीं हुआ।

दरअसल ऐसा इसलिए भी है कि क्रिकेट एक खेल है, एक स्पोर्ट है, यहाँ पे आपको अपने पिता के नाम पर टीम में जगह नहीं मिलती। इसमें आपको कड़ी मेहनत एवं शानदार एकाग्रता का परिचय देते हुए प्रदर्शन करना पड़ता है। जो कोई भी इसमें नाकाम होता है उसको टीम में जगह नहीं मिलती फिर चाहें आपके पिता ही उस खेल के दिग्गज रहे हों।

आइए जानते हैं क्रिकेट की उन चार पिता-पुत्र की जोड़ियों को जिनके बारे में जानकर आपको एक बार हैरानी तो ज़रूर होगी की आखिर ऐसा कैसे हो सकता है।

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श्रीकांत और अनिरुद्ध

भारतीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ ओपनर्स में से एक कृष्णमचार्य श्रीकांत एक महान खिलाड़ी थे। उन्होंने अपने प्रदर्शन से भारत को कई बार उस दौर में जीत दिलाई जब भारत की क्रिकेट टीम को औसत टीम का दर्जा हासिल था।

भारत की ओर से श्रीकांत ने 43 टेस्ट खेले जिनमें उन्होंने 29.88 की औसत से 2062 रन बनाए। वहीं 146 वनडे में 29.01 की औसत से 4091 रन बनाए।

वहीं अगर हम श्रीकांत के बेटे अनिरुद्ध की बात करें तो उनकी क्रिकेट में अच्छी शुरुआत हुई थी। हालाँकि निरंतरता की कमी उनके पतन का एक बड़ा कारण साबित हुई।

इसीलिए वो ज्यादा समय तक क्रिकेट जगत में टिक नहीं पाए। अनिरुद्ध ने 23 फर्स्ट क्लास मैचों में 29.45 की औसत से कुल 1031 बनाए, साथ ही उन्होंने 66 लिस्ट-ए मैचों में 2063 रन बनाए।

सुनील गावस्कर और रोहन गावस्कर

भारत के महान क्रिकेटर और विश्व क्रिकेट में पहले 10 हज़ार रन बनाने वाले सुनील गावस्कर ने क्रिकेट की दुनिया में कई कीर्तिमान स्थापित किए। उन्होंने विश्व क्रिकेट को एक अलग रूप दिया। हालांकि उनके बेटे रोहन गावस्कर इसके आस पास भी नहीं पहुंच पाए।

रोहन का घरेलू रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा था और उनको भारतीय टीम में मौका भी मिला, मगर वे इस मौके को भुना नहीं पाए और जल्द ही टीम से बाहर हो गए। रोहन ने भारत के लिए सिर्फ 11 वनडे खेले जिनमें उन्होंने 151 रन ही बनाए।

डेनिस लिली और एडम लिली

ऑस्ट्रेलिया महान तेज गेंदबाज रहे डेनिस लीली अपने समय मे गेंदबाजी से बड़े से बड़े दिग्गज बल्लेबाजों के अंदर डर पैदा कर देते थे। लिली की बोलिंग से उस वक़्त के बल्लेबाज खौफ खाते थे।

लिली के बेटे एडम लिली भी पिता की तरह ही एक तेज गेंदबाज बनना चाहते थे, मगर एडम लिली कभी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाए और एक स्टार पिता के फ्लॉप बेटे बनकर रह गए।

विवियन रिचर्ड्स और माली रिचर्ड्स

वेस्टइंडीज़ के महानतम खिलाड़ी सर विवियन रिचर्ड्स को कौन नहीं जानता। विश्व क्रिकेट में उनकी धाक है।

हालांकि उनके बेटे उनके करीबी नहीं पहुँच पाए।

विवियन रिचर्ड्स के बेटे माली ने महज 15 साल की उम्र में एंडीगुआ के लिए शतक और सिर्फ 19 साल की उम्र में एंटीगुआ के लिए ही 319 रन की पारी खेलकर सभी को हैरान कर दिया था। मगर इसके बाद उनका फॉर्म ऐसा बिगड़ा जो कभी वापस नहीं आया।

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