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Asian Games 2018: जूतों के लिए संघर्ष करने वाली ऑटो चालक की बेटी ने जीता स्वर्ण पदक

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मुसीबत चाहे कितनी भी बड़ी हो मेहनत के दम पर इंसान इतिहास लिख सकता है. कुछ इसी तरह की कहानी एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली स्वप्रा बर्मन की है. एशियाड खेलों में भारत को पहला महिला हेप्टाथलन स्वर्ण पदक जिताने वाली स्वप्रा दांत और पीठ के दर्द से जूझ रही थी. लेकिन दिल में देश के लिए जुनून था और रिक्शा चालक अपने पिता जो कई दिनों से बीमार हैं उनके लिए सभी मुसीबतों से लड़ते हुए देश को स्वर्ण पदक तक दिला दिया. पर देश को स्वर्ण पदक जिताने वाली इस खिलाड़ी की कहानी बड़ी संघर्षपूर्ण है.

इस खिलाड़ी के लिए जूते सबसे बड़ी चुनौती बन गए थे. स्वप्रा के पैर में बचपन से 6 उंगलियां थी जिस कारण उनके जूते जल्दी फट जाते थे. अभी जीतने के बाद इस खिलाड़ी ने मांग की है कि उनके पैरों को ध्यान में रखकर इनके लिए खास जूते बनाए जाएं. उत्तरी बंगाल कि इस खिलाड़ी ने जैसे ही स्वर्ण पदक जीता तो जलपाईगुड़ी शहर मे खुशी की लहर छा गई. सस्वप्रा ने जकार्ता में चल रहे एशियाई खेलों में हेप्टाथलन की प्रतियोगिता में 7 स्पर्धाओं से कुल 6026 अंक से स्वर्ण पदक को अपने नाम किया और वह भारत की पहली है हेप्टाथलन स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी बन गई.

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स्वप्रा की मां ने उन्हें गोल्ड मेडल जीतेते हुए नहीं देखा क्योंकि वह इसके लिए काली माता के मंदिर में खुद को बंद करके जीत की प्रार्थनाएं कर रही थी. स्वप्रा कि मां काली माता में बेहद आस्था रखती है और जिस मंदिर में स्वप्रा की मां ने खुद को बंद किया था वह मंदिर खुद स्वप्रा ने बनाया था. बेटी की जीत की खबर सुनते ही मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक रहे और वह गदगद हो उठी. स्वप्रा की मां कहती है की स्वप्रा के पिता पंचन बर्मन एक रिक्शा चालक है पर अभी उम्र के साथ लगी बीमारी से वे बिस्तर पर बैठे रहते हैं. स्वप्रा की मां ने बताया कि हम उसकी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते थे पर उसने कभी भी शिकायत किए बिना आज हमारे साथ पूरे देश का नाम रोशन किया है.

स्वप्रा के कोच सुकांत सिन्हा ने कहा कि राइकोट पारा स्पोर्टिंग एसोसिएशन क्लब से हमने उसकी मदद की और आज उसने अपनी जिद्द के दम पर यह जीत दर्ज की है. 4 साल पहले इंचियोन में आयोजित एशियाई खेलों में स्वप्रा चौथे स्थान पर रही थी तब से वह पहले स्थान में आने के लिए लगातार मेहनत कर रही है और आज उसकी मेहनत रंग लाई है.

स्वप्रा ने पिछले साल हुए एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर हीट-2 में 996 अंकों के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया था तो वहीं ऊंची कूद में 1003 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी. स्वप्रा ने पिछले साल गोला फेंक में 707 अंक बना कर दूसरा स्थान प्राप्त किया था तो 200 मीटर हीट-2 रेस में उसने 790 अंक प्राप्त किए थे.

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