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50 हजार में शुरू हो जाएगा ये बिजनेस, सरकार देगी 4 लाख की सब्सिडी, लाखों में होगी कमाई

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केंद्र सरकार देश में एंटरप्रेन्योरशिप के तहत आसान शर्तों पर बिजनेस शुरू करने के लिए लोन में सब्सिडी देती है. सरकार की इन योजनाओं को लोगो को पता नही होता जिस कारण से लोग वंचित रह जाते है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं क्वायर उद्यमी नाम की एक योजना के बारे में इसके तहत सरकार आपको 40 फ़ीसदी तक सब्सिडी और 50 फीसदी तक लोन कम ब्याज दर पर देती है. क्वायर उद्योग में आपको क्वायर से जुड़े प्रोडक्ट बनाकर बेच सकते हो. इसके तहत सरकार आपको कई सुविधाएं मुहैया करवाती है.

क्‍या है सरकार की योजना

क्‍वॉयर बोर्ड, मिनिस्‍ट्री ऑफ माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई)के अधीन काम करके नारियल की जटा से बनने वाले प्रोडक्ट को प्रमोट करता है.इस योजना में 10लाख रुपए तक के प्रोजेक्ट को क्रेडिट लिंक सब्सिडी दी जाती है. अगर आपके पास इस बिजनेस को शुरू करने के लिए 5 फ़ीसदी पैसा है तो सरकार की मदद से यह आप शुरू कर सकते हो ,इसमें 7 साल के लिए बैंक आपको 55 फ़ीसदी तक लोन और बोर्ड 40 फ़ीसदी तक सब्सिडी.

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यह सर्विसेज भी देती है सरकार

सरकार स्क्वायर बिजनेस करने वाले उद्यमियों को लोन और सब्सिडी देने के साथ-साथ बोर्ड मार्केट में भी सपोर्ट करती है. सरकार इन उद्यमियों को एक साथ जोड़कर कलस्टर बनाती है और उन्हें मार्केट में प्रोडक्ट के लिए सपोर्ट भी देती है.अगर आप अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए कहीं फेयर या एग्जीबिशन में जाते हैं तो इसके लिए सरकार आपको पूरा खर्च देगी. शोरूम तथा काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी भी बोर्ड देता है.

इस स्‍कीम के तहत सरकार लोन और सब्सिडी के साथ साथ और भी सर्विसेज देती है, जैसे कि बोर्ड मार्केटिंग सपोर्ट असिस्‍टेंस। यानी क्‍वॉयर बिजनेस करने वाले उद्यमियों को एक साथ जोड़ कर कलस्‍टर (कंसोटोरियम) बनाया जाता है और उन्‍हें मार्केटिंग सपोर्ट दिया जाता है। इतना ही नहीं, यदि आप अपने प्रोडक्‍ट्स की मार्केटिंग के लिए किसी एग्‍जीबिशन या फेयर में जाते हैं तो बोर्ड द्वारा खर्च वहन किया जाता है। प्रोडक्‍ट्स के लि‍ए शोरूम हायर करने में भी बोर्ड सपोर्ट करता है। कंसोर्टि‍यम में काम कर रहे कर्मचारियों की सैलरी बोर्ड देता है।

ये प्रोडक्‍ट्स बना सकते हैं आप

क्‍वॉयर यानी नारियल जटा का इस्‍तेमाल फ्लोर मेट्स, डोर मेट्स, ब्रश, मैट्रेस (गद्दे), फ्लोर टाइल, फोम मैट्रेस। जैसा कि आप जानते हैं कि शहरी लाइफ स्‍टाइल में गद्दों का इस्‍तेमाल बढ़ता जा रहा है, इसलिए इस बिजनेस का काफी स्‍कोप है। इतना ही नहीं, अब इसका इस्‍तेमाल टेक्‍सटाइल में भी किया जा रहा है। वहीं, क्‍वॉयर फाइबर (नारियल रेशे) से रस्सी, कूलर में इस्‍तेमाल होने वाली घास की भी डिमांड है। इसके साथ-साथ आजकल फैंसी और डिजाइन आइटम्‍स भी तैयार किए जा रहे हैं। क्‍वॉयर यार्न को लेकर भी कई एक्‍सपेरिमेंट्स हो रहे हैं।

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