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यूट्यूब से मिला आईडिया और शुरू कर दिया अपना बिजनेस, आज ये शख्स कर रहा है लाखों की कमाई

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सरकारी अस्पताल में नौकरी करने वाले राजस्थान की ढाणी बामणा के सत्यनारायण यादव और उनकी पत्नी सजना यादव और उनकी पत्नी सजना सत्यनारायण यादव और उनकी पत्नी सजना यादव और उनकी पत्नी सजना हर महीने 20 से 25 हजार की आमदनी सीप मोती की खेती से कर लेते है. आपको सुनकर बड़ा अजीब लगा होगा कि यह काम यह कैसे करते हैं. अपने शौक को इन्होंने आज बिजनेस बना लिया और और हर महीने इतनी आमदनी कर लेते है.

25 हजार का इनवेस्टमेंट, लाखों का प्रॉफिट

सत्यनारायण कहते हैं कि वह जब भी खाली समय में बैठा करते थे तो उन्हें यूट्यूब पर वीडियो देखना पसंद था. एक दिन यूट्यूब पर एक ऐसा वीडियो है जिन्होंने उनके दिल में एक अलग ही जगह बना ली. यूट्यूब पर उन्होंने मोती बनाने की प्रक्रिया देखी और उसके बाद उन्होंने मोती बनाने का फैसला लिया. इस फैसले को उन्होंने अपनी पत्नी सजना के साथ भी शेयर किया तो उन्होंने भी हां कर दी दी कर दी दी हां कर दी दी दी. सत्यनारायण कहते है कि इस बिज़नेस में आपको धैर्य रखना जरूरी होता होता धैर्य में आपको धैर्य रखना जरूरी होता होता इस बिज़नेस में आपको धैर्य रखना जरूरी होता होता धैर्य रखना जरूरी होता है. ढाई साल पहले मोती की खेती शुरू करने वाले सत्यनारायण अब जाकर इसका कहीं कहीं फायदा उठा रहे हैं.

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सत्यनारायण मोती बनाने के लिए 15 दिन की ओडिशा से ट्रेनिंग करके आए और इसके बाद ₹10000 के एक छोटे से इन्वेस्टमेंट से अपने बिजनेस की शुरुआत की. सत्यनारायण बताते हैं कि अगर आप 500-600 मोती बनाना चाहते हो तो इसके लिए आपको कम से कम 25 से 30 हजार का इन्वेस्टमेंट करना पड़ता है. इन्वेस्टमेंट करने के बाद 8-10 महीने के इंतजार के बाद कहीं मोती मिलते हैं. आप एक मोती को ₹300 तक बेच सकते हो. अगर आपने 500 मोती निकाल लिए तो डेढ़ लाख रूपय आप के के पक्के हो जाएंगे. अब सत्यनारायण लोगों को ट्रेनिंग देते हैं और आसपास के कई राज्यों के 150 लोगों को उन्होंने ट्रेनड कर दिया है.

कैसे बनता है मोती?

– मोती एक प्राकृतिक रत्न है, जो सीप में पैदा होता है। प्राकृतिक रूप से मोती का निर्माण तब होता है जब एक बाहरी कण जैसे रेत, कीट आदि किसी सीप के अंदर प्रवेश कर जाता है। सीप इसे बाहर नहीं निकाल पाता है जिसकी वजह से उसे चुभन पैदा होती है। इस चुभन से बचने के लिए सीप लार जैसा लिक्विड पैदा करती है, जो इस कीट या रेत के कण पर जमा हो जाती है। यह चमकदार होती है।

– इस प्रकार उस कण या रेत पर कई परत जमा होती रहती है। इसी आसान तरीके को प्राकृतिक मोती उत्पादन में इस्तेमाल किया जाता है।

मोती बनाने की विधि

सत्यनारायण कहते है कि मोती बनाने की विधि बड़ी आसान है. इसके लिए आपको घर में एक होज बनाना होगा और उसमें केरल केरल, गुजरात, हरिद्वार आदि जगह से शिप लाकर डालनी होगी. सीप डालने के पश्चात उनकी सर्जरी के लिए सर्जिकल टूल से हर एक सीप में चीरा लगाकर 4 से 6 मिमी डायमीटर वाले साधरन और डिजाइनदार बीड डाल दीजिए तत्पश्चात शीप को बंद कर दीजिए.

आप 8-10 महीने पश्चात शिप को चीरकर उसमें से मोती निकाल लीजिए. निकले हुए मोतीयो से गमले और गुलदस्ते मुख्य द्वार पर लटकाने वाले सजावटी झूमर, स्टैंड, डिजाइनिंग दीपक आदि बनाने में काम आते हैं. मोतियों के इन कवर से पाउडर भी तैयार किया जाता है जो आयुर्वेदिक दवाओं में काम आता है.

ओम डिजाइन वाला मोती

सत्यनारायण बताते हैं कि एक अच्छा मोती बनने में 18 से 20 महीने तक लग जाते हैं ,लेकिन उसकी कीमत भी सामान्य मोती से दुगनी मिलती है. यह मोती दिखने में बड़ा और चमकदार होता है. सत्यनारायण ने सीप से देवी देवताओं के डिजाइन वाले मोती प्राप्त करने का एक्सपेरिमेंट किया. सत्यनारायण ने ॐ शेप वाले मोती बना लिए ह जो लोगो को काफी पसंद आते है.

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