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12वीं के छात्र ने बिना किसी ट्रेनिंग के बनाया ‘रोबोनिल’ रोबोट, इंसानी भावनाओ को समझने में माहिर है रोबोट….

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छत्तीसगढ़ के रहने वाले एक लड़के ने बेहद ही कमाल का आविष्कार किया है। दरअसल यह लड़का महज 18 साल का है और अभी 12वीं कक्षा में पढ़ता है। इस लड़के का नाम नील माधव बेहेरा है जिसने बिना किसी ट्रेनिंग और मदद के एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जो इंसानों की तरह काम करता है। नील ने इसे 10 महीने में बनाया और यह रोबोट बातचीत करने के साथ बुजुर्गों और बीमारों की मदद भी करता है। यह मदद के तहत दवा कब लेनी है, ये याद दिलाने के साथ खुद ही दवा भी लाकर देता है।

नील माधव का कहना है कि हांगकांग की सोफिया रोबोट से प्रभावित होकर मेने यह रोबोट बनाया जो सम्भवतः इंसानों की तरह काम करने वाला भारत का पहला रोबोट है। नील ने इसका नाम रोबोनिल रखा है और इसे पेंटेंट करवाने की प्रक्रिया भी चल रही है।

नील माधव के अनुसार इस रोबोट को बनाने में 4 लाख रुपये खर्च हो गए। ओडिशा सरकार ने मदद के रूप में।2 लाख रुपये भी दिए। बाकी के पैसो का इंतजाम नील ने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर किया। नील माधव अब एक जासूसी मकड़ी नाम से भी रोबोट बनाने वाले है जो भारतीय डिफेंस के लिए मददगार होगा।

लोन लेकर खरीदे रोबोट के पार्ट्स

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सोरो जिले के खमतरा गढ़िया के रहने वाले नील माधव के पिता प्राइवेट जॉब करते है। नील के माता पिता ने नील के हौसले और जुनून के लिए गहने और समान गिरवी रखकर पैसो का जुगाड़ किया। इसके अलावा रोबोट के पार्ट्स खरीदने के लिए लोन भी लेना पड़ा।

नील का कहना है कि भारत मे अभी तक इंसानों की तरह दिखने वाले रोबोट महि बनाया गया है। यह रोबोट इंसानों की मदद करने में काम आएगा। नील ने बताया कि पेंटेंट होने के बाद वो इस रोबोट को ओडिशा सरकार को दे देंगे। और इससे अन्य बच्चों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी और उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

उड़िया और हिंदी बोलने में माहिर है रोबोनिल

नील ने कई पार्ट्स विदेश से मंगवाए। इनकी डिलीवरी नील के ग्सनव तक नही होती थी जिस वजह से नील ने किराए पर भुवनेश्वर में रहना शुरू किया। नील के पिता ने कुछ रुपये भेजे। कुछ रुपये नील ने बच्चों को ट्यूशन पढ़कर जुटाए और अमेरिका तथा जर्मनी से रोबोट के पार्ट्स इम्पोर्ट किये।

नील का कहना है कि सोफिया की तर्ज पर बना यह रोबोट देश का पहला रोबोट होगा जो इंसानों की भावनाएं समझ सकेगा। यह जल्दी ही हिंदी और उड़िया भाषा बोलने लगेगा। साथ ही इंसानी हाव भाव से भी इसे कमांड दी जा सकती है।

कम्प्यूटर चलाने में भी सक्षम है रोबोनिल

रोबोनिल कम्प्यूटर आसानी से चल सकता है। इसकी समस्या को भी आसानी से ठीक कर सकता है। इसके अलावा रोबोनिल दूसरे लोगों को कम्प्यूटर सीखा भी सकता है।

नील ने इससे पहले दो रोबोट और बनाए थे। नील ने 2013 में एक फ़ीट का रोबोट बनाया था जो रिमोट से कंट्रोल होता तहस। इसके बाद उन्होंने एक बेहद हाईटेक रोबोट भी बनाया। नील का कहना है कि मेरे सामने केसरी परेशानियां आयी लेकिन लग्न और जुनून से हर सपने को साकार किया जा सकता है।

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