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पाकिस्तान छोड़ भारत आए इन 5 लोगों ने खड़ा किया एक बिजनेस एमप्यार, कायम की एक बेहतरीन मिसाल…..

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आज हम आपको ऐसे 5 बिजनेसमैन के बारे में बताएंगे जो भारत से नहीं बल्कि पाकिस्तान से थे। बंटवारे के समय इन लोगों ने पाकिस्तान की बजाय भारत मे रहना और व्यापार करना शुरू किया। इन लोगों ने बहरतीय बाजार में बिजनेस के नए तरीके भी पेश किए। भारत को बिजनेस के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने में इन लोगों का नाम जरूर लिया जाता है।

सन् 1947 में जब बंटवारा हुआ था, तो इस बंटवारे में कई लोग, जो पाकिस्तान के एरिये में आते थे, ने भारत मे रहना पसंद किया। बंटवारे के समय कई पाकिस्तानी इलाकों के नेता, अभिनेता और बिजनेसमैनों ने भारत मे रहने की इच्छा जाहिर की।

1. बृजमोहन मुंजाल

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भारत के प्रसिद्ध हीरो ग्रुप के चैयरमैन पवन मुंजाल के पिता बंटवारे के समय पाकिस्तान छोड़कर भारत मे रहने आ गए। पंजाब में इनका जन्म हुआ और बंटवारे के पश्चात ये लुधियाना में रहने लगे। अपने भाई के साथ बृजमोहन मुंजाल ने 1954 में हीरो साईकल का बिजनेस शुरू किया। इन्होंने भारत मे बिजनेस की एक नई राह लोगो के सामने पेश की थी।

2. मोहन सिंह ओबेरॉय

ओबेरॉय होटल बिजनेस को आज को नहीं जानता। यह होटल्स आपको विदेशी धरती पर भी देखने को मिल जाएंगे। मोहन सिंह ओबेरॉय भारत पाकिस्तान बंटवारे के समय झेलम जिले से भारत रहने आए। साधारण परिवार से नाता रखने वाले ओबेरॉय ने शिमला के एक होटल में नौकरी की। इसके बाद खुद का दो कमरों का होटल शुरू किया। अब इस ओबेरॉय होटल का बिजनेस भारत सहित श्रीलंका, नेपाल और मिस्त्र आदि में भी विस्तृत है। सन् 2002 में मोहन सिंह का देहांत हो गया।

3. परमानंद दीपचंद हिंदुजा

हिंदुजा ग्रुप से तो सभी लोग चिर परिचित होंगे। इस ग्रुप की शुरआत पाकिस्तान के सिंध प्रांत से हुई थी। हिंदुजा शिकारपुर के रहने वाले थे जो पाकिस्तान का एरिया था। 1919 तक हिंदुजा बिजनेस ईरान तक फैल गया। 1914 में परमानंद ने अपने बिजनेस को मुम्बई में स्थापित किया। एक्सपोर्ट बिजनेस को हिंदुजा के बेटे श्रीचंद और उनके भाई गोपीचंद आहूजा ने लंदन में भी स्थापित किया। अभी हिंदुजा परिवार के पास भर की नागरिकता है। सन् 1971 में परमानंद हिंदुजा का देहांत हो गया था।

4. महाशय चुन्नी लाल

एमडीएच को आज को नहीं जानता। इस बिजनेस को शुरू करने वाले महाशय चुन्नी लाल कभी पाकिस्तान में मसालों की दुकान चलाते थे। भारत आकर इन्होंने एमडीएच की स्थापना की और आज इनका बिजनेस पूरे भारत मे फेमस है। इन्होंने पाकिस्तान को छोडमर भारत मे रहना पसंद किया और यहीं उन्होंने मसालों का एक बेहतरीन ब्रांड खड़ा किया। आपको बता दें, एमडीएच कम्पनी मसालों के मैन्युफैक्चर, डिस्ट्रिब्यूटर और एक्सपोर्टर भी खुद ही है।

5. एफसी कोहली

भारत मे आईटी क्रांति की शुरुआत करने वालों में एफसी कोहली ने नाम सर्वोपर्रि है। इनका जन्म पाकिस्तान के पेशावर में हुआ। 1951 में कोहली ने टाटा इलेक्ट्रिक कम्पनी जॉइन की। 1970 में इन्होंने इस कम्पनी के डायरेक्टर का पदभार ग्रहण किया। भारत मे आईटी क्रांति में सबसे अग्रणी लोगों में इनकी गिनती होती है।

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