Loading...

नोट छापने के लिए चीन को भारत समेत कई देशों से मिला है बड़ा ऑर्डर :- रिपोर्ट

0 20

चीन में एक समय ऐसी भी नौबत आ गई थी कि करंसी के प्रोडक्शन प्लांट्स को जंग ना लग पाए, इसी वजह से उन प्लांट्स में मैरिज सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस को छापा जाता था, लेकिन अब मौजूदा समय में हालात एकदम बदल गए हैं. अगर साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट को माने तो चीन को भारत समेत कई दूसरे से नोट छापने के लिए बड़े आर्डर मिले हैं. वही चीन बैंक नोट प्रिंटिंग और मीटिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष ल्यू गुइसेंग ने बताया कि चीन ने अभी तक कोई भी विदेशी करेंसी नहीं छापी है.

साल 2013 में चीन ने दक्षिण पूर्व एशिया, केंद्र एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप की जमीन और समुंदर को एक साथ जोड़ने के लिए वन बेल्ट वन रोड परियोजना को भी लॉन्च किया. वही ल्यू ने आगे कहा कि इसके बाद से ही कंपनी को यह काफी मौके मिले हैं और बड़ी ही सफलता के साथ मलेशिया, श्रीलंका, थाईलैंड, बांग्लादेश, पोलैंड, भारत और ब्राजील की करेंसी छापने का बड़ा प्रोजेक्ट हाथ लग गया. वही साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक यह सब तो केवल एक नमूना है.

Loading...

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस रिपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर ट्वीट भी किया है. शशि थरूर ने विदेश में नोट छापने को लेकर कहा कि इससे तो पाकिस्तान को बड़ी ही आसानी के साथ जाली नोट मिल जाएगी. जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को काफी खतरा है. वही कुछ सरकारों ने चीन से यह भी कहा है कि वह इस सौदे को बिल्कुल भी प्रचारित ना करें. दरअसल ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसी जानकारी के बाहर आ जाने के बाद से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा भी हो सकता है या फिर अनावश्यक बहस की शुरुआत हो सकती है.

वही ल्यू ने यह भी बताया कि ‛विश्व आर्थिक परिदृश्य में अब काफी बड़े परिवर्तन होते जा रहे हैं जैसे चीन बड़ा और अधिक शक्तिशाली हो जाएगा. वह पश्चिम द्वारा स्थापित मूल्यों को एक चुनौती देगा. अपने देश के अलावा अन्य देशों के लिए करेंसी को छापना एक बड़ा ही महत्वपूर्ण कदम है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा प्रिंटिंग बाजार पर पश्चिमी कंपनियों का पिछले 1 शताब्दी से अधिक समय तक प्रभुत्व रहा है.’

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.