Loading...

गजब: इस कंपनी ने गाय के गोबर से बना दी ड्रेस, मिला 1.5 करोड़ का इनाम

0 32

इस बात को तो शायद आप भी मानते होंगे कि गाय से मिलने वाली हर चीज हमारे लिए बेहद फायदेमंद होती है. चाहे वह गोबर क्यों ना हो. और आपने अक्सर गाय के गोबर को लेकर यही सुना होगा कि उससे उपले और कीटनाशक दवाइयां बनाई जाती हैं, लेकिन क्या आप लोगों ने कभी गाय के गोबर से बनी ड्रेस के बारे में सुना है. शायद नहीं सुना होगा, लेकिन आपको बता दें कि नीदरलैंड की एक स्टार्टअप कंपनी ने ऐसा कारनामा करके दिखाया है. इस स्टार्टअप कंपनी ने गाय के गोबर से सेल्यूलोज़ अलग कर उससे फैशनेबल ड्रेस बनाने का तरीका ढूंढ निकाला है. दरअसल इस स्टार्टअप को नीदरलैंड की रहने वाली बायोआर्ट एक्सपर्ट जलील एसाइदी चलाती हैं. उनके द्वारा किए गए इस इनोवेशन के लिए उन्हें 2 लाख डॉलर (करीब 1.40 लाख रुपए) का चिवाज वेंचर एंड एचएंडएम फाउंडेशन ग्लोब अवार्ड भी दिया जा चुका है.

वहीं अगर The Guardian की रिपोर्ट की मानें तो जलिला एसाइदी ने कुछ साल पहले ही ‛वन डच’ नाम से यह स्टार्टअप शुरू किया था. दरअसल इस स्टार्टअप के जरिए गाय के गोबर को रिसाइकल कर प्लास्टिक, पेपर और यहां तक की फैशनेबल ड्रेसेस बनाई जाती हैं. यहाँ सेल्युलोज़ से जो फैब्रिक बनाया जा रहा है, उसे ‛मेस्टिक’ नाम दिया गया है.

इस स्टार्टअप को शुरू करने वाली जलिला इस फैब्रिक को फ्यूचर फैब्रिक का नाम देती हैं. शुरुआत में तो सेल्युलोज़ से निकले मेस्टिक फैब्रिक से शर्ट और टॉप ही तैयार किए गए. जलिला के इस स्टार्टअप ने गाय के गोबर से सेल्युलोज़ को अलग कर दिया और उससे बायो-डिग्रेडेबल प्लास्टिक और पेपर बना दिया.

Loading...

इस स्टार्टअप की मालिक जलिला एसाइदी जो कि एक बायो एक्सपर्ट भी है, उन्होंने बताया कि हम अक्सर गोबर को एक वेस्ट मटेरियल ही समझते हैं और गाय के गोबर को लोग गंदा बदबूदार भी मानते हैं. लेकिन यह बेहद काम की चीज है और आप आने वाले दिनों में गाय के गोबर से बनी हुई ड्रेसेस को फैशन शो में भी जरूर देखोगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि जलिला मौजूदा समय में 15 किसानों के साथ इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं. वही अपने इस स्टार्टअप को लेकर उन्होंने बताया कि सेल्युलोज़ को बनाने की प्रक्रिया केमिकल और मैकेनिकल है. हमें जो भी गोबर और गोमूत्र मिलता है उसमें करीब 80% पानी होता है. इस प्रोसेस के पहले स्टेज में हम गोबर और गोमूत्र से गीले और सूखे हिस्से को अलग कर देते हैं, उसके बाद गीले हिस्से के साल्वेंट से सेल्युलोज़ बनाने के लिए फर्मेंटेशन होता है. और इस में अधिकतर हिस्सा घास और मक्के का है जो कि गाय खाती है. वहीं बैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि इस तरीके से जो सेल्युलोज़ प्राप्त होता है वह बेहद हाइट टेक्निक वाला होता है.

वही जलिला एसाइदी ने आगे बताया कि गाय के गोबर से मेस्टिक फाइबर निकालने के लिए शुरुआती स्तर पर जो तेल उपयोग होता है, वह भी बहुत अच्छा नहीं होता है. हमें गाय के गोबर के सेल्यूलोज में छुपी हुई सुंदरता को इस पूरी दुनिया को दिखाना है.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.