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स्विट्ज़रलैंड अब देगा अपने बैंक खातों की जानकारी, क्या वापस आ सकता है कालाधन

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हाल ही में यह खबर आई थी कि स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के पैसे में पिछले 4 सालों में पहली बार उछाल आया है. वहीं इसी सब के बीच अब भारत को एक बड़ी सफलता हाथ लग गई है. दरअसल टैक्स चोरी के मामले में एक फैसला भारत के ही हक में आया है.

वहीं अगर रॉयटर्स की खबर को माने तो स्विट्जरलैंड के सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को भारत के पक्ष में सुनाया है. स्विट्जरलैंड की सुप्रीम कोर्ट ने टैक्स अधिकारियों को आदेश देते हुए कहा है कि जल्द से जल्द दो भारतीयों की बैंक डिटेल सौंपने के लिए कहा है. इन दोनों ही भारतीयों ने इसके खिलाफ याचिका डाली हुई थी.

इन दोनों आरोपियों के ऊपर भारत की एजेंसियों को टैक्स चोरी का शक है. दोनों भारतीय आरोपियों ने स्विट्जरलैंड के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कोर्ट से जानकारी ना देने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि भारत ने चोरी हुए बैंक डाटा के आधार पर ही कर चोरी की जांच में मदद मांगी है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दोनों भारतीयों का इशारा हर्व फलसियानी के खुलासे की ओर था. आपको बता दें कि फ्रांसीसी नागरिक और अब विशलब्लोअर के तौर पर पहचाने जाने वाले हर्व फलसियानी ने कई लोगों की बैंक डिटेल्स लीक कर दी थी. हर्व एचएसबीसी के इस प्राइवेट बैंक का पूर्व कर्मचारी था. हर्व ने इन लोगो की बैंकिंग जानकारियों को लीक करते हुए ये आरोप भी लगाए थे कि यही लोग सिर्फ खातों का उपयोग कर टैक्स चोरी करते हैं.

वही आपको यह भी बता दें कि भारत के लिए इस केस को जीत पाना इतना भी आसान नहीं था, ऐसा इसलिए क्योंकि इससे पहले भी एक मामले को लेकर कोर्ट ने जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया था. इससे पहले पिछले साल एक कपल के केस में स्विट्जरलैंड के सुप्रीम कोर्ट ने फ्रांस सरकार के द्वारा किए गए अनुरोध को भी खारिज कर दिया था.

स्विट्जरलैंड के सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह दोनों ही मामले बिल्कुल विपरीत है. इस मामले को लेकर भारत ने कोई भी ऐसा बयान नहीं दिया है कि उसे यह डाटा कानूनी तौर पर मिला है या फिर किसी दूसरे देश से प्राप्त हुआ है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लीक डेटा के आधार पर ही कई देशों में काफी तेजी के साथ जांच चल रही है. ऐसे में स्विट्जरलैंड की सुप्रीम कोर्ट के द्वारा भारत के हक में आए इस फैसले ने बाकी दूसरे देशों की उम्मीद को फिर से बढ़ा दिया है.

वहीं दूसरी तरफ स्विट्जरलैंड के सुप्रीम कोर्ट ने HSBC बैंक की जानकारी को लीक करने वाले पूर्व हर्व को 5 साल की सजा सुना दी है, हालांकि आपको यह भी बता दें कि इस समय हर्व स्विट्ज़रलैंड में नहीं है.

स्विट्जरलैंड के बदनाम होने की मुख्य वजह है टैक्स चोरों को अपने देश में पनाह देना. वही माना यह भी जाता है कि अधिकतर भारतीयों को कालाधन स्विट्जरलैंड के बैंकों में ही जमा है, हालांकि आपको यह भी बता दे कि लीक सूचनाओं के चलते काफी बड़ी संख्या में लोगों की खाते सामने आने के बाद स्विजरलैंड टैक्स चोरी के मामले में सहयोग करने के लिए अब मजबूर हो गया है.

लेकिन वही स्विट्जरलैंड के सुप्रीम कोर्ट ने एचएसबीसी के जिनेवा प्राइवेट बैंक से चोरी हुए डाटा को लेकर उसे अस्वीकार बताया है. इसके आधार पर जानकारी देने से कोर्ट ने साफ इंकार कर दिया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि जितने भी देश चोरी के डेटा से कानूनी नही मदद मांग रहे हैं तो उनकी मदद जरूर की जाएगी.

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