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अमित शाह के बंगाल दौरे को लेकर ममता बनर्जी ने कहा – बंगाल में कुछ नहीं कर पाएंगे वो

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एनआरसी को लेकर चल रहे विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंदी न्यूज़ चैनल ज़ी न्यूज़ से बातचीत के दौरान कहा कि ‛एनआरसी पूरे देश का मुद्दा है और इस मुद्दे के ऊपर मानवीय आधार पर चर्चा जरूर की जानी चाहिए. इसके साथ ही ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि अब बीजेपी की बात कोई नहीं सुनने वाला. अब सभी विपक्षी दल एक साथ आएंगे और बीजेपी को हराएंगे.

एनआरसी मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि ‛एनआरसी मुद्दे के ऊपर मैंने कहा कि यह देश का मुद्दा है, मानवीय मुद्दा है. जो हिंदुस्तानी हैं उनको बिल्कुल नहीं निकालना चाहिए. बंगाल बीजेपी की कोई बात नहीं सुनने वाला और ना ही अब देश बीजेपी की कोई बात सुनेगा. अब सभी विपक्षी दल एक साथ आने वाले हैं.’ वहीं विपक्षी दलों के बीच प्रधानमंत्री उम्मीदवार के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ‛अभी प्रधानमंत्री पद की कोई भी आवश्यकता नहीं है. अभी आवश्यकता है तो केवल भारतीय जनता पार्टी को हराने की.’

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बंगाल दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि ‛अमित शाह वहां बेशक 365 दिन जाएं, यह अच्छा है. वह हमारे बंगाल में कुछ नहीं कर सकते.’ इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि ‛उन्हें बेशक कोलकाता जाने की इजाजत मिले या फिर ना मिलें. वह वहां पर जरूर जाएंगे. अगर राज्य सरकार चाहे तो वह उन्हें गिरफ्तार कर लें.’

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ममता बनर्जी ने इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात की थी. लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने बताया कि ‛हाँ में आडवाणी जी से मिली, मैंने उनसे उनकी सेहत के बारे में पूछा, मैं आडवाणी जी को काफी लंबे वक्त से जानती हूं.’ इसके साथ ही ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि ‛मैं राहुल गांधी जी और सोनिया गांधी जी से भी मिलूंगी. उनसे मिलने के बाद में देवगौड़ा जी और अरविंद केजरीवाल जी से भी मुलाकात करने वाली हूं.’

ममता बनर्जी ने कहा कि असम की सीमा पश्चिम बंगाल से सटी हुई है. इससे (एनआरसी) से वह भी प्रभावित होंगी. ममता बनर्जी ने सवाल किया कि ‛वह हमारा पड़ोसी है, अगर हमारे पड़ोसी खुश नहीं होंगे तो क्या हमारा हक नहीं है कि हम उनके लिए आवाज़ उठाएं.’ उन्होंने आगे कहा कि ‛में यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा से भी अपील करना चाहती हूं, कि वह दोनों नेता असम में अपनी टीम को जरुर भेजें और वहां पर नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंश (एनआरसी) की हकीकत को जरूर देखें.’

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