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5 साल की बच्ची ने बनाई ऐसी तस्वीर, जिसे देखकर उड़ गए मां-बाप के होश

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देश में रोजाना एक के बाद एक नई खबर सुनने को मिलती है, लेकिन वही चेन्नई से 2 दिन पहले आई इस खबर ने दिमाग को हिलाकर रख दिया. 2 साल की एक मासूम बच्ची के साथ उसके ही पड़ोस में रहने वाले 22 साल के एक शख्स में उसका रेप किया. बिल्कुल ऐसा ही एक मामला आज सामने आया है. 5 साल की मासूम ने एक ऐसा चित्र बनाया जो कि बिलकुल वैसी ही डरावनी कहानी को बयां कर रहा है.

यह पूरा मामला ब्राजील का है यहां रहने वाली 5 साल की बच्ची ने एक ऐसी तस्वीर बनाई, जिसे देखने के बाद उसके माता-पिता के होश उड़ गए. जब माता-पिता को बच्ची के बनाए हुए कुछ चित्र मिले तो उन्हें पता चला कि उनकी बच्ची के साथ यौन शोषण हो रहा था. और अपने उस दर्द को बच्ची ने उस ड्राइंग के जरिए कागज पर उतार दिया. 5 साल की वह मासूम बच्ची इस बात को नहीं समझ पा रही होगी कि उसके दादा की उम्र का वो इंसान उसके साथ यह सब क्या कर रहा था. उस 5 साल की मासूम बच्ची के साथ यह घिनौना काम कोई और नहीं बल्कि 54 साल का एक पादरी कर रहा था.

पादरी के द्वारा की गई इस घिनौनी वारदात के बाद वह बच्ची इतनी डरी सहमी रहने लगी कि उसके माता-पिता को उसे मनोवैज्ञानिक के पास ले जाना पड़ा. वही उन्होंने माता-पिता को बच्ची का कमरा ठीक तरीके से जांचने की सलाह दी. शायद वहीं से कुछ सुराग मिल पाए और बिल्कुल वैसा ही हुआ. बच्ची के माता-पिता को उसकी ड्राइंग बुक में से इस तरह की 6 तस्वीरें मिली हैं जो की उसके साथ हुई नाइंसाफी की कहानी को कह रही थी.

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इतनी छोटी उम्र के बच्चे यह बिल्कुल नहीं समझते हैं कि यह सब है क्या. उनके उस निशछल मन को कोई भी कभी भी मैला करके चला जाता है. जिसके बारे में माता-पिता को पता भी नहीं चल पाता. हम भी खुद को हमेशा सिर्फ झूठी तसल्ली देते रह जाते हैं कि हमारे बच्चों के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हो सकता या फिर हमारा बच्चा तो बहुत ज्यादा स्मार्ट है, लेकिन सच्चाई हमेशा डरा देती है. मौजूदा हालात को देखे तो हर 3 में से 1 बच्ची और 6 में से 1 बच्चे के साथ 18 साल की उम्र होने से पहले ही यौन शोषण हो चुका होता है. इतना ही नहीं इनमें से 85% बच्चे शोषण करने वाले को पहचान भी लेते हैं.

हमारा कहना तो यही है कि आप एकदम सतर्क रहें. आप अपने बच्चों के अच्छे दोस्त बनें, जिससे कि वह आपके साथ हर तरह की बातों को खुलकर कर सकें. आप उनके व्यवहार के ऊपर भी अपनी पूरी निगाह रखें. कहीं कोई ऐसी चीज तो नहीं है जो उन्हें परेशान कर रही हो, बच्चे अक्सर ऐसे में एकदम से गुमसुम या फिर चिड़चिड़े से हो जाते हैं. आप उन्हें व्यवहारिक बातों को सिखाते-सिखाते गुड टच और बैड टच के बारे में भी जरूर बताएं. समय-समय पर आप अपने बच्चों की नोटबुक्स वगैरह को भी जरुर चेक करते रहे. कहीं ऐसा ना हो कि वह भी अपनी मन की बातों को अपनी ड्राइंग के जरिए आपसे कहने की कोशिश कर रहे हो.

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