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यकीनन आप नहीं जानते होंगे डेंगू से जुड़ी इन 5 बातों के बारे में, जाने अभी

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डेंगू की वजह से हर साल कई लोगों की जान चली जाती है. ऐसे में आप लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत है कि आपको इसके बारे में सही जानकारी हो. डेंगू का बुखार मच्छरों के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है. आपको बता दें कि यह संक्रमण एडीज मच्छर के काटने से ही फैलता है. अगर किसी व्यक्ति को डेंगू का बुखार होता है तो उस व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर में लाल रंग के चकत्ते, बदन दर्द, सिर दर्द, जोड़ों में दर्द, उल्टी आना, भूख का कम हो जाना आदि तरह की शिकायतें रहती हैं. तो चलिए अब आपको बताते हैं डेंगू से जुड़ी हुई पांच बातों के बारे में जिनके बारे में शायद आपको नहीं पता होगा.

● यह तो शायद आप जानते होंगे कि डेंगू का मच्छर दिन के उजाले में काटता है लेकिन आपको बता दें कि अगर रात में लाइट जल रही हो तब भी यह मच्छर आपको अपना शिकार बना लेता है. डेंगू का मच्छर खासकर सुबह और शाम को सूरज डूबते-उगते समय सबसे ज्यादा काटता है. और डेंगू के मच्छर की काटने की पसंदीदा जगह कोहनी के नीचे या घुटने होते हैं. अगर तापमान 15 से 16 डिग्री से कम हो तो इस तापमान में डेंगू के मच्छर नहीं पनपते हैं. आपको बता दें कि सबसे ज्यादा डेंगू जुलाई से अक्टूबर के महीने में होता है, इसलिए आप संभल कर रहें.

● आपकी जानकारी के लिए बता दे कि डेंगू का एक मच्छर एक बार में 100 के करीब अंडे दे सकता है और इसका जीवन दो हफ्तों का होता है. डेंगू का मच्छर जब आपको काटता है तो उसके द्वारा छोड़ा गया वायरस आपके शरीर में सीधे श्वेत रक्त कोशिकाओं में घुसकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है. और इस बात की जानकारी भी आप लोगों को नहीं होगी कि एडिस मच्छर के एक बार काटने से ही किसी व्यक्ति की जान पर भी आ सकती हैं.

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● दरअसल हाल ही में दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक रिपोर्ट को जारी किया. उस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 41 फ़ीसदी मच्छर प्लास्टिक के ड्रम और कंटेनर में ही पैदा होते हैं और इन सभी का उपयोग घरों में पानी जमा करने के लिए होता है. इस सब के अलावा 12 फ़ीसदी कूलरों से और निर्माण स्थलों पर मुख्य रुप से उपयोग होने वाले लोहे के कंटेनरों से 17 फ़ीसदी मच्छर पैदा होते हैं.

● आप शायद यही जानते होंगे कि डेंगू में अगर किसी की मौत हो जाए तो आप उसकी मौत की वजह प्लेटलेट्स में आई कमी को ही मानते हैं. लेकिन इस बात की जानकारी शायद कम लोगों को ही होगी कि डेंगू में मौत की असली वजह कैपिलरी लीकेज होता है. अगर किसी भी डेंगू मरीज को कैपिलरी लीकेज शुरू हो गया है तो उस मरीज को तरल आहार देते रहना चाहिए. ऐसा आपको तब तक करना चाहिए जब तक कि हाई और लो ब्लड प्रेशर का अंतर 40 से ज्यादा ना हो जाए.

● इसके साथ ही आपको यह भी बता दें कि डेंगू कोई संक्रामक बीमारी नहीं है कि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाएगी. बता दे कि डेंगू वायरस से ग्रस्त मच्छर के व्यक्ति को काटने से ही डेंगू होता है. चाहे डेंगू चार तरह का ही क्यों ना हो लेकिन एक बार में केवल एक ही तरह का डेंगू व्यक्ति को होता है. दूसरी बार में डेंगू दूसरी तरह का होता है. डेंगू को लेकर लोगों में यह भी सबसे बड़ा वहम है कि इस बीमारी में प्लेटलेट्स बढ़ाने की आवश्यकता होती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जिन मरीजों के प्लेटलेट्स काउंट 10,000 से कम होते हैं उन्हीं मरीजों की स्थिति जानलेवा होती है.

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