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शायद आप नहीं जानते होंगे IRCTC के इन 6 अजब-गजब नियमों के बारे में

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आप सभी को रेलवे टिकट बुकिंग और उसके कैंसिलेशन जैसे नियमों के बारे में तो शायद पता ही होगा. हालांकि रेलवे के कुछ और भी नियम हैं जिनके बारे में हर किसी को जानकारी नहीं होती है और ना ही इन नियमों के बारे में आसानी से जानकारी मिल पाती है. लेकिन वहीं अगर आपको इन नियमों के बारे में जानकारी मिल जाए तो यह आपके लिए फायदा ही फायदा है. भारतीय रेलवे ने समय के साथ काफी ज्यादा तरक्की कर ली है. वैसे देखा जाए तो IRCTC में ट्रेन की बुकिंग करवाना और ट्रेन में अपने लिए जगह बुक करवाना, बिल्कुल वैसे ही है जैसा कि ट्रेन का समय पर आ जाना. लेकिन इन सबके बीच आईआरसीटीसी की कुछ ऐसी भी बातें हैं जो कि यात्रियों को काफी ज्यादा फायदा पहुंचा देती हैं तो चलिए अब आपको बता देते हैं वो नियम आखिर है कौन से.

अपनी टिकट पर किसी और को भेजना

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि IRCTC ने एक ऐसा भी नियम बनाया हुआ है, जिसमें अगर आप स्टेशन मास्टर को ट्रेन के निकलने से 24 घंटे पहले जानकारी देते तो स्टेशन मास्टर आपकी टिकट को किसी ब्लड रिलेशन वाले के नाम पर ट्रांसफर कर सकता है. यानी कि कहने का मतलब यह है कि टिकट आपकी ही होगी लेकिन उस टिकट पर आपका ब्लड रिलेशन वाला कोई भी रिश्तेदार ट्रैवल कर सकता है. इसके साथ ही किसी स्टूडेंट के टिकट पर अगर दूसरे स्टूडेंट को यात्रा करनी है तो उसे स्टेशन मास्टर को इस बारे में 48 घंटे पहले जानकारी देनी पड़ेगी.

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अगर खो जाए टिकट तो नहीं है डरने की बात

आपको बता दें कि कभी अगर आपका कंफर्म विंडो टिकट खो जाए तो आपको परेशान बिल्कुल नहीं होना है. बस आपके थोड़े से पैसे लगेंगे और आपका काम हो जाएगा. आप रिजर्वेशन विंडो पर जाकर नए रिजर्वेशन फॉर्म को भर दीजिए और अपना ID कार्ड दिखा दीजिए और एक नया टिकट ले लीजिए. अगर आप 500 किलोमीटर से कम की यात्रा कर रहे हैं तो आपको 25 परसेंट, अगर आपकी यात्रा 500 किलोमीटर से ज्यादा है तो आपको इसके लिए 10 परसेंट चार्ज देना पड़ेगा.

एकदम फ्री मेडिकल सर्विस

अगर आप ट्रेन में यात्रा कर रहे हैं और उस दौरान आपको लू वगैरहा या ठंड के मौसम में ज्यादा सर्दी लग जाने की वजह से बुखार आ जाए तो ऐसी कंडीशन में आपके लिए ट्रेन में सफर करने के दौरान इलाज की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है. अगर आप कभी ट्रेन में यात्रा के दौरान बीमार महसूस कर रहे हैं तो आप इस बारे मे टीसी को बता दीजिए अगले स्टेशन पर डॉक्टर आपकी सीट पर आकर आपकी मेडिकल जांच करेगा.

निर्धारित है ट्रेन में वजन

जैसे प्लेन में वजन ले जाना निर्धारित है बिल्कुल वैसे ही ट्रेन में भी वजन निर्धारित है. अगर उस वजन से ज्यादा का सामान आपके पास मिलता है तो ऐसे में आपको दंड देना ही पड़ेगा. कुछ इस प्रकार है छूट – एसी फर्स्ट क्लास – 70 किग्रा, एसी टू टियर – 50 किग्रा, एसी थ्री टियर/एसी चेयर कार – 40 किग्रा, स्लीपर क्लास – 40 किग्रा, सेकंड क्लास – 35 किग्रा. वही आपको बता दें कि आप बच्चे की टिकट पर कोच क्लास के हिसाब से आधा वजन ही ले जा सकते हैं.

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