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गठबंधन की मजबूरी में ‘मायावती’ ने अपने नेताओं को किया चुप

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बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल कोर्डिनेटर जयप्रकाश सिंह को सिंह को सिंह को को पद से हटा दिया गया है। इस पर मायावती ने अपने नेताओं को साफ साफ कह दिया है कि जब तक पार्टी से कोई संदेश या कोई मैसेज ना आए तब तक अपना मुंह चुप रखें। साथ ही ऐसी किसी भी बयानबाजी करने से बचें जो गठबंधन गठबंधन के बारे में हो।

कुछ ही महीनों बाद 2019 के लोकसभा चुनाव होने हैं। उनसे पहले राजस्थान मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी विधानसभा के चुनाव होंगे। इन तीनों राज्यों में अभी बीजेपी की सरकार है और कांग्रेस के लिए यह तीनों चुनाव बेहद ही खास है। क्योंकि कांग्रेस को 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए इन चुनावों में अपना बेहतरीन प्रदर्शन दिखाना होगा तभी जाकर 2019 के लोकसभा चुनाव में कुछ आशा की किरण दिखाई दे सकती है।

इसके विपरीत बसपा राष्ट्रीय स्तर की पार्टी होने के बाद भी बसपा का उत्तरप्रदेश में साम्राज्य सिमटता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। अगर यही हालत रहे तो आने वाले दिनों में बसपा से राष्ट्रीय पार्टी का तमगा भी हटा दिया जाएगा। अब ऐसे कयास लगाए जा रहे है आने वाले विधानसभा के चुनावों में बसपा और कांग्रेस मिलकर इस रण में अपना प्रदर्शन दिखाएगी। लेकिन अभी तक इनके गठबंधन से जुड़ी कोई भी आधिकारिक खबर नहीं मिली है।

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अगर इन विधानसभा में इन दोनों पार्टियों का गठबंधन देखने को मिलता है तो आने वाले 2019 के विधानसभा के चुनावों में भी इसका असर साफ साफ देखने को मिल सकता है। फिलहाल सपा और बसपा ने इन लोकसभा चुनावों में गठबंधन का फैसला लिया है। लेकिन कौनसी आरती कितनी सीटों के लिए लड़ेगी, यह अभी तक तय नहीं हुआ है। आने वाले समय मे ही कांग्रेस के गठबंधन का पता चल पाएगा।

ऐसे में बिना किसी आधिकारिक घोषणा के गठबंधन से जुड़ी बयान बाजी पार्टी प्रमुखों और नेताओं के लिए गले की फांस बन सकता है। इसी वजह से मायावती ने अपने नेताओं को गठबंधन पर बोलने से मना किया है। मायावती का कहना है कि गठबंधन के मामले में पार्टी सोच विचार कर कोई फैसला लेगी। तब तक किसी भी तरह की कोई बयानबाजी नहीं होनी चाहिए।

जयप्रकाश को पद से हटाने की बात करें तो बीती 16 जुलाई को एक कॉन्फ्रेंस के दौरान जयप्रकाश ने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वो अपनी माँ जैसे दिखते है जो खुद एक विदेशी मूल से है। साथ ही जयप्रकाश ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य उम्मीदवार कभी नहीं हो सकते। मयवारी की प्रशंसा करते हुए जयप्रकाश ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए मायावती को प्रधानमंत्री बनाया जाना चाहिए। मायावती मोदी और अमित शाह दोनों के टक्कर की नेता है।

जयप्रकाश के इस बेतुके बयान के बाद मायावती ने कहा कि जब तक पार्टी कोई आधिकारिक फैसला लेकर घोषणा नहीं करती तब तक बाकी नेता इस गठबंधन को लेकर कुछ भी ना बोलें तो अच्छा रहेगा। जयप्रकाश के इस बयान के बाद मायावती ने तुरंत परभव से उन्हें पद से हटा दिया।

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