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इन्हें कहा जाता है इजरायल की लड़ाकू मर्दानियां

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अगर बात की जाए इजरायल देश के बारे में तो यह एक ऐसा देश है। जिसकी गिनती पूरी दुनिया में सबसे ताकतवर देशों में की जाती है। इजरायल अपने मजबूत डिफेंस सिस्टम की वजह से आज विश्व के शक्तिशाली देशों में शुमार है। इजरायल अपने चारों तरफ से दुश्मनों से घिरा हुआ है। लेकिन इस सबके बावजूद इजरायल के किसी दुश्मन की इतनी हिम्मत नहीं है कि इस देश के ऊपर हमला कर सकें। किसी भी देश को इजरायल के ऊपर हमला करने से पहले सौ बार सोचना जरूर पड़ेगा।

इजरायल ने इस पूरी दुनिया में अपने घातक टैंकों और मजबूत एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम से एक खास पहचान बना ली है। इसके साथ ही आपको यह भी बता दें कि इजरायल की सेना में सिर्फ पुरुषों को ही नहीं बल्कि महिला सैनिकों को भी समान अधिकार मिले हुए हैं। वैसे देखा जाए जिस तरह से इजरायल की सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती जा रही है। उसके पीछे दो मुख्य कारण हैं। सबसे पहला तो समाज की सोच में बदलाव लाना तो वही दूसरा कारण यह है कि पुरुषों की सर्विस का कम होता हुआ समय। पुरुषों के द्वारा कम समय तक सर्विस देने की वजह से सेना को नई सैनिकों को ढूंढने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

इसके साथ ही आपको यह भी बता दें कि इजरायल देश में सभी यहूदी नागरिक अपने देश की सेना में शामिल होकर अपनी सेवाएं देते हैं और यही सबसे बड़ी वजह है कि इस देश की युवा लड़कियां भी सेना में शामिल होकर अपने देश की सेवा करती हैं। सन 1948 में इजरायल एक राज्य बना था और उस दौरान भी यहां की सेना में महिलाओं ने अपनी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इजरायल की सेना में एक पुरुष सैनिक को 18 साल होने पर 2 साल 8 महीने सेना में काम करना जरूरी होता है और यह अनिवार्य भी है। तो वहीं महिलाओं को 2 साल सेना में काम करना जरूरी होता है। इजरायल की सेना में महिला और पुरुष सैनिकों की एक मिली-जुली यूनिट काराकल बटालियन को साल 2000 में बनाया गया। दरअसल काराकल बटालियन में महिला और पुरुष दोनों ही सैनिक बिल्कुल एक ही जैसे नजर आते हैं।

इसके साथ ही आपको बतादें की साल 2000 में इजरायल में यह भी कानून बनाया गया कि महिलाओं को पुरुषों की तरह किसी भी पद के लिए समान अधिकार जरुर मिलेंगे। इजरायल की सेना में काम करने वाली स्मादर ने कहा कि सेना के अंदर पुरुष जो भी काम करने में सक्षम होते हैं। उस काम को महिलाएं भी बड़ी आसानी के साथ कर सकती हैं।

25 साल की स्मादर ने बताया कि सेना की हर यूनिट में महिला और पुरुष के मिले-जुले पद होना जरूरी है। जो भी लड़ने में सक्षम हैं उन्हें यह पद मिलने चाहिए। इसके साथ ही आपको यह भी बता दें कि इजरायल देश की खुफिया एजेंसी मोसाद इस पूरी दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसियों में से एक मानी जाती है। इजरायल की इस खुफिया एजेंसी का नाम सुन दुश्मन कांपने लगते हैं।

इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद में भी 40 फ़ीसदी हिस्सेदारी महिलाओं की है। इस खुफिया एजेंसी में भी बड़ी ही खूबसूरत महिलाएं हैं जो कि अपनी खूबसूरती में फसाकर दुश्मनों से सारे खुफिया राज निकाल लेती हैं। इस सबके लिए इजरायल में इन खूबसूरत महिलाओं को एक स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाती है।

और वैसे देखा जाए तो सिर्फ इजरायल में ही नहीं बल्कि इस दुनिया में मौजूद बाकी सभी देशों की सेनाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी बीते कुछ दशकों में काफी ज्यादा बढ़ गई है। बात की जाए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यहां तक कि भारत की सेनाओं की तो आज के समय में महिलाओं को पुरुषों के बराबर के काफी अवसर दिए जा रहे हैं।

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