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पिता के सामने ही बस ड्राइवर नाबालिक लड़की के साथ करता रहा छेड़छाड़

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उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ में महिलाओं के साथ हो रही हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। हाल ही में एक और मामला सामने आया है। दरअसल बुधवार की रात को निचलौल डिपो की बस के ड्राइवर ने एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ की। इतना ही नहीं बस ड्राईवर ने उस नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ उसके ही माता-पिता के सामने की। वो बस ड्राइवर उस नाबालिग लड़की को पूरे रास्ते घंटों तक परेशान करता रहा पर किसी ने भी उसके खिलाफ आवाज नहीं उठाई। इसको लेकर जो आजमगढ़ के लोगों ने उस बस ड्राइवर का विरोध किया और पुलिस के हवाले किया। तो वही मात्र 151 में चालान करके पुलिस ने मामले से पल्ला झाड़ लिया। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने कहा कि हमें जो भी तहरीर मिली थी हमने उसी के आधार पर कार्रवाई की। लेकिन पूरी रात कोतवाली में नाबालिग लड़की के साथ हुई छेड़छाड़ को लेकर पंचायत होती रही।

दरअसल रौनापार थाना क्षेत्र का रहने वाला एक परिवार बुधवार को ट्रेन के जरिए मुंबई से वाराणसी पहुंचा। वहां पहुंचने के बाद वहां से उस परिवार ने देर रात को निचलौल बस डिपो से आजमगढ़ के लिए बस ली। ये बस वाराणसी से गोरखपुर के लिए जा रही थी। वही बताया गया कि उस बस में सवारी बहुत ही कम थी। पूरे रास्ते मैं बस और भी ज्यादा खाली हो गई। रात के करीब 12:45 बजे थे जब बस ने लालगंज को क्रॉस कर लिया। उसी दौरान बस के चालक ने उस 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को पीछे की जगह आगे बैठने के लिए कहा, वही लड़की ने जब मना कर दिया तो उसने उसे जबरदस्ती खींचकर अपनी सीट पर बैठा लिया और उसके साथ छेड़खानी करनी शुरू कर दी।

आरोपी उस नाबालिक लड़की के साथ पूरे रास्ते छेड़खानी करता रहा। वही जब लड़की के परिवार वालों ने उसकी हरकतों का विरोध किया तो उसने लड़की के परिवार वालों के साथ अभद्र व्यवहार किया। जब बस आजमगढ़ बस स्टैंड पर पहुंच गई तो वहां मौजूद लोगों से परिवार वालों ने इसकी शिकायत कर दी। वहां मौजूद लोगों ने परिचालक को जमकर पीटा और फिर 100 नंबर पर फोन करके पुलिस बुला ली।

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वही जब पुलिस मौके पर पहुंची तो वह आरोपी को रोडवेज चौकी ले कर चली गई। जहां से उसे शहर कोतवाली भेज दिया गया। इसी बीच वहां पर प्रयास संगठन के लोग भी पहुंच गए आरोपी बस ड्राइवर के खिलाफ कार्यवाही को लेकर दोनों पक्षों में जमकर बहस बाजी भी हुई। लेकिन इस पूरे मामले को लेकर पुलिस सिर्फ यह कहती हुई दिखाई दी इससे लड़की की काफी बदनामी होगी। सुबह के समय कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद संगठन के लोग वहां से चले गए।

लेकिन इसके बाद पुलिस ने उस आरोपी के खिलाफ छेड़खानी का नहीं बल्कि 151 का चालन कर दिया। पुलिस ने बताया कि हमें मिली तहरीर में अभद्र व्यवहार की भी बात कही गई थी। जो इसी तहरीर में था उसी के आधार पर हमने आगे की कार्रवाई की है। पर वही मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह पूरा मामला पूरी तरह से उस नाबालिग लड़की के साथ हुई छेड़खानी का है। लेकिन पुलिस ने उस नाबालिग लड़की के परिवार वालों को इतना ज्यादा डरा दिया है। कि वह पुलिस के द्वारा की गई इस कार्यवाही विरोध भी नहीं कर सके।

वहीं इस पूरे मामले को लेकर आरएम धर्मेंद्र यादव ने कहा कि मैं अभी बाहर हूं। ऐसे में मैं क्या कर सकता हूं। यह पुलिस का मामला है वही समझे। तो वही आजमगढ़ बस डिपो और अंबेडकर बस डिपो के एआरएम ने भी इस पूरे मामले को लेकर कुछ भी बोलने से साफ मना कर दिया है। आम आदमी के अंदर विभाग और पुलिस के द्वारा अपनाए गए इस रवैया को लेकर नाराजगी साफ नजर आ रही है। लोगों का कहना यह है कि अगर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है तो इससे आरोपियों का मनोबल और बढ़ जाता है। और वह इस तरह की और भी घटनाओं को अंजाम दे देते हैं।

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