Loading...

खून देने के मामले में इस परिवार ने बना डाला रिकॉर्ड, लिम्का बुक में दर्ज हो गया नाम

0 27

आज आपको एक ऐसे जोड़े से मिलाते हैं। जिन्होंने खून देने के मामले में रिकॉर्ड बना डाला है। और लिंबा बुक में भी इन दोनों का नाम दर्ज है। दरअसल यह दोनों मोहाली के रहने वाले हैं। और आपको बता दें कि मोहाली की रहने वाली जसवंत कौर और उनके पति बलवंत सिंह ने अभी तक करीब 77 लीटर खून दान कर दिया है। यही नहीं इन दोनों दंपत्तियों के एक बेटा और बेटी भी है। और इन दोनों ने भी अभी तक करीब 40 लीटर रक्तदान किया है। यानी कि देखा जाए तो इस पूरे परिवार ने मिलकर अभी तक 117 लीटर खून दान कर दिया है।

आपने भी सुना ही होगा कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान होता है। और जसवंत कौर और उनके पति बलवंत सिंह ने इस बात के महत्व को समझा और करके दिखाया। वही इन दोनों की सेवा को ना सिर्फ सूबे की सरकार बल्कि धार्मिक और सामाजिक संगठनों और कॉरपोरेट घरानों ने भी खूब सराहा है। बीते 26 सालों में लगातार 96 बार रक्तदान कर चुके। इस दंपति का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है। लिंबा बुक के अलावा इन दोनों का नाम ग्लोबल वर्ल्ड बुक, यूनिक वर्ल्ड बुक, चैंपियन वर्ल्ड बुक और इंडिया बुक जैसी कई रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया है।

यही नहीं इतना रक्तदान करने के बाद भी यह जोड़ा अपने मरणोपरांत अपने शरीर को रिसर्च के लिए भी दान कर देना चाहता है। और इसके लिए इन दोनों ने PGI चंडीगढ़ में पंजीकरण भी करवाया हुआ है। वही 62 वर्षीय जसवंत कौर ने कहा कि रक्तदान करने का यह सिलसिला साल 1991 से शुरू हुआ था। वहीं जसवंत कौर ने आगे कहा कि रक्तदान करने के बाद मेरे मन को बेहद सुकून महसूस होता है। इसी वजह से रक्तदान करने के लिए मैंने अपने पति बलवंत सिंह को भी प्रेरित किया।

वही 63 वर्षीय बलवंत सिंह ने बताया कि मैं और मेरी पत्नी साल में 4 बार रक्तदान करते हैं। यानी कि सबसे पहले नए साल 1 जनवरी को, उसके बाद 7 अप्रैल वर्ल्ड हेल्थ डे पर, उसके बाद 5 जुलाई अपनी शादी की सालगिरह पर और उसके बाद 1 अक्टूबर वालेंटरी नेशनल डे के मौके पर अपना रक्तदान करते हैं। इन दोनों की सबसे खास बात यह है। कि यह दोनों ना सिर्फ एक साथ रक्तदान करते हैं। बल्कि यह दोनों पति-पत्नी एक ही रंग के कपड़े भी पहनते हैं।

Loading...

पर वही देश में रक्तदान को और भी ज्यादा बढ़ावा देने के लिए इन दोनों पति-पत्नियों ने साल 1994 में बाबा शेख फरीद ब्लड डोनर काउंसिल नाम की एक संस्था भी बनाई हुई है। इस संस्था में अभी तक 30 सदस्य जुड़े हुए हैं। और आपको बता दें कि इनकी यह संस्था 145 बार शिविर लगाकर करीब 21000 यूनिट रक्त इकट्ठा कर चुकी है। और यह तो सभी आप जानते हैं। कि किसी के भी द्वारा दान किया गया खून का एक एक कतरा उस समय बेहद जरूरी होता है। जब कोई पीड़ित मौत और जिंदगी के बीच लड़ रहा हो। इस खून का एक कतरा ही उसे एक नए जीवन देने में बेहद अहम भूमिका निभाता है।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.