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शर्मनाक: रात भर ठंड में भाई के साथ कांपती रही रेप पीड़िता

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पूरी मानवता शर्मसार हो जाए। एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यह पूरा मामला मध्यप्रदेश के बैतूल जिले का है। इस मामले को सुनने के बाद हर किसी का सिर शर्म से झुक जायेगा। दरअसल मेडिकल जांच करने के लिए आई एक रेप पीड़िता और उसके भाई को कड़ाके की ठंड में पूरी रात अस्पताल परिसर के बाहर ही गुजारनी पड़ी। वही साइकिल स्टैंड के एक कर्मचारी ने 17 साल की रेप पीड़िता और उसके भाई को ऐसी हालत में देख कर अपने टिफिन का खाना खिलाया और खाना खिलाने के अलावा कर्मचारी ने उनके लिए अलाव की भी व्यवस्था की। रेप पीड़िता को ठंड में रात गुजारने के बाद भी समस्या कम नहीं हुई। करीब 15 घंटे बाद पीड़िता की सोनोग्राफी की गई। वही मामला मीडिया में आ जाने के बाद अधिकारी इस पूरे मामले की जांच करने की बात कह रहे हैं।

इस कड़ाके भरी ठंड में अपने भाई के साथ अस्पताल परिसर में रात को जाने वाली रेप पीड़िता बैतूल जिले के छिंदवाड़ा के बोमालिया गांव की रहने वाली है। रेप पीड़िता का पिता विकलांग हैं। और वही पीड़िता का भाई रोजगार के लिए राजस्थान गया हुआ था। अब से करीब 4 महीने पहले घर के ही पीछे काम करते वक्त, गांव के ही रहने वाले सतीश ने उसके साथ रेप किया था।

पीड़िता के साथ यह सब उसके पिता के सामने ही हुआ। लेकिन लाचार और विकलांग पिता अपनी बेटी को बचा नहीं पाया। वही इस सब के बाद पीड़िता करीब 4 महीने तक डरी-सहमी रही। और पीड़िता के पेट में गर्भ ठहर गया। वही पीड़िता का भाई जब राजस्थान से वापस आया। तो उसने पूरी घटना अपने भाई को बता दी। वही पीड़िता का भाई उसे लेकर तुरंत और बोरदेही थाने पहुंच गया।

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वही पीड़िता ने बताया कि अब से करीब 4 महीने पहले गांव के ही रहने वाले एक लड़के ने उसके साथ गलत काम किया था। वही पीड़िता ने आगे बताया कि पुलिस के साथ जब जांच कराने के लिए अस्पताल आए। तो पूरी रात इस कड़ाके की ठंड में ही अस्पताल परिसर के बाहर गुजारनी पड़ी हुई। पीड़िता के भाई ने बताया कि वह अपनी बहन के साथ 19 जनवरी को बोरदेही थाने पहुंचा था। वही पुलिस के साथ 20 जनवरी की शाम को अस्पताल चेकअप कराने महिला आरक्षक आई थी। पुलिस के साथ आई महिला आरक्षक हमें रात ने अकेले ही छोड़ दिया और खुद चली गई। जाते वक्त महिला आरक्षक ने कहा कि मैं सुबह आऊंगी। महिला आरक्षक के चले जाने के बाद हम दोनों ने पूरी रात अस्पताल परिसर के बाहर आग के सामने बैठकर ही गुजारी।

वही पीड़िता के भाई ने आगे बताया कि बोरदेही थाना पुलिस मेडिकल जांच कराने के लिए जिला अस्पताल बैतुल पहुंची और रात में मेडिकल जांच कराई गई। लेकिन पीड़िता की सोनोग्राफी रही हो पाई। जिसकी वजह से हमें महिला आरक्षक अस्पताल में ही छोड़ कर चली गई। महिला आरक्षक के चले जाने के बाद हम अस्पताल परिसर में ही बाहर बैठ गए। इसके बाद वहां मौजूद साइकिल स्टैंड के एक कर्मचारी संदीप हमारे पास आया। और हमारे वहां बैठे होने का कारण हम से पूछने लगा। हमने संदीप को सारी कहानी बता दी। तो उसके बाद साइकिल स्टैंड कर्मचारी संदीप ने हमें खाना खिलाया और हमारे लिए पास में आग भी लगा दी। हम पूरी रात उसके सहारे ही बैठे रहे। करीब 15 घंटे बाद सुबह महिला आरक्षक अस्पताल आई। जिसके बाद रेप पीड़िता की सोनोग्राफी करवाई। यही नही रेप पीड़िता को पर्ची के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ा।

वही साइकिल स्टैंड के कर्मचारी संदीप ने बताया कि पुलिस इन दोनों भाई बहनों को ऐसे ही छोड़ कर चली गई थी। और इन दोनों के पास बिलकुल भी पैसे नहीं थे। इन दोनों को परेशान देखकर मैंने ही इन दोनों को खाना खिलाया। और दरी पर बैठने के लिए भी कहा। मेरे पास उड़ने के लिए कुछ नहीं था। जिसकी वजह से इनके लिए अलाव जला दिया।

वहीं इस पूरे मामले को लेकर जब महिला आरक्षक कल्पना से पूछा गया। तो उन्होंने कहा कि पीड़िता ने उससे कहा था कि वह अपने रिश्तेदार के घर चली जाएगी। इसी वजह से मैं दोनों को छोड़कर चली गई थी। वही एएसपी घनश्याम मालवीय ने कहा कि पीड़िता की पुलिस हर संभव मदद करेगी। वही उन्होंने आगे कहा कि आरोपी अभी फरार है। लेकिन पुलिस उसे जल्द ही पकड़ लेगी। वही उन्होंने आगे कहा कि पीड़िता के साथ अस्पताल में ऐसा कुछ भी हुआ है। तो यह बहुत ही गलत है। यह सब बिल्कुल नहीं होना चाहिए था। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

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