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​रेप पीड़िता में से आने लगी बदबू, तो डॉक्टरों ने इलाज करने से किया मना और कहा सड़क पर फेंक देंगे

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जिला अस्पताल के अंदर डॉक्टरों की मनमानी बिल्कुल भी रुकने का नाम नहीं ले रही है। जिला अस्पताल में रेप पीड़िता का इलाज करने के दौरान डॉक्टर इतने परेशान हो गए। कि उन्होंने पीड़िता को जबरन अस्पताल से ले जाने का दबाव बनाया। यही नहीं जिला अस्पताल के अंदर डॉक्टरों ने रेप पीड़िता का इलाज करना भी बंद कर दिया। वही डॉक्टरों ने रेप पीड़िता के परिजनों से कहा कि आप पीड़िता को अस्पताल से ले जाए। वरना हम इसे बाहर सड़क पर फिकवा देंगे।


दरअसल यह पूरा मामला बरेली शहर के जिला अस्पताल का है। और यहां के जिला अस्पताल में रेप पीड़िता के साथ डॉक्टरों का बहुत बुरा बर्ताव देखने को मिला। वहीं इस पूरे मामले पर पीड़िता की बहन ने कहा कि डॉक्टर मेरी बहन का इलाज करने से साफ इनकार कर रहे है। और साथ ही मेरी बहन को अस्पताल से जबरन ले जाने का दबाव भी बना रहे हैं। वहीं पीड़िता की बहन ने कहा कि डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि आप इसे यहां से ले जाएं वरना हम इसको बाहर सड़क पर फिकवा देंगे। वही रेप पीड़िता की बहन डॉक्टर से इलाज के लिए विनती करती रही। मगर डॉक्टर पिछले 2 दिनों से उसकी बहन को देखने तक नहीं आए है। वही रेप पीड़िता को ठीक से इलाज ना मिल पाने के कारण उसकी हालत और भी ज्यादा गंभीर हो गई है। वही सुबह से उसका ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने के लिए भी हॉस्पिटल स्टाफ का कोई मेंबर नहीं आया है। मजबूरी में खाली सिलेंडर को खुद ही हटाना पड़ा और जो कि वहां पर अभी तक वैसे का ही वैसा है।


मुरादाबाद की रहने वाली रेप पीड़िता को 3 लोग  बहला-फुसलाकर नौकरी दिलाने के बहाने बरेली ले आए थे। इन तीन लोगों ने थाना सुभाष नगर क्षेत्र में पीड़िता को बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। यही नहीं इसके बाद उन लोगों ने पीड़िता को एक कोठरी में बंद करके भी फेंक दिया। वहीं पीड़िता ने जब उन दरिंदों की चंगुल से भागने की कोशिश की। तो उन लोगों ने पीड़िता को बहुत बुरी तरीके से मारा। जिसकी वजह से उसके शरीर में इंफेक्शन हो गया। और उसके पैरों में कीड़े पड़ गए। जिसकी वजह से देखते ही देखते उसका पूरा शरीर सड़ने लगा। इसके बाद तीनों आरोपी पीड़िता को जिला अस्पताल में छोड़कर भाग गए।


वहीं इस पूरे मामले में पुलिस ने उन तीन आरोपियों के साथ एक महिला को भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। वही इन तीनों की दरिंदगी की शिकार रेप पीड़िता अब जिंदगी और मौत से जूझ रही है। उस पीड़िता के पास से इतनी बदबू आ रही है। कि कोई उसके पास भी खड़ा नहीं होना चाहता। इसी वजह से जिला अस्पताल के डॉक्टर भी उसे अपने अस्पताल से भगाने के लिए हर तरह का दबाव बना रहे हैं। वही ऐसे में कुछ समाजसेवी पीड़िता के समर्थन में खड़े हो गए हैं। और साथ ही जब तक उसका इलाज नहीं किया जाएगा। तब तक अनशन करने की धमकी भी अस्पताल के डॉक्टरों को दे रहे हैं।


वहीं इस पूरे मामले को लेकर जब CMS से बात करी गई। तो वह जवाब देने से बचते हुए नजर आए। CMS ने इस पूरे मामले में कोई भी मदद करने से और अपना बयान देने से इनकार कर दिया। वही इस पूरे मामले में जिला अस्पताल के आरोपी डॉक्टर पी एन आर्या से बात करी गई। तो उन्होंने किसी भी बात को करने से साफ इंकार कर दिया। वही रेप पीड़िता की बहन के आंसुओं से यह तो साफ-साफ झलकता है। कि आखिर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जिंदगी और मौत से जूझती हुई उसकी बहन को किस कदर परेशान किया है।

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