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​पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा भारत की भाषा बोल रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप 

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को करोड़ों डॉलर की दी जाने वाली सैन्य सहायता रोक दी है। सैन्य सहायता रोके जाने के बाद अमेरिका और पाकिस्तान के बीच एक दूसरे पर खूब आरोप लगाए जा रहे हैं। वही इस सब को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई टिप्पणी। यह दर्शाती है कि डोनाल्ड ट्रंप बिल्कुल भारत की ही भाषा का उपयोग कर रहे हैं।

हाल ही में सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा एक ट्वीट मैं पाकिस्तान को झूठा बताया गया। साथ ही इस्लामाबाद को मिलने वाली सैन्य सहायता को भी बंद कर दिया है। दरअसल आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ट्वीट में कहा था कि अमेरिका ने अज्ञानवश पिछले 15 साल में पाकिस्तान को करीब 33 अरब डॉलर से ज्यादा की सैन्य सहायता दी है। और पाकिस्तान ने इसके बदले में सिर्फ झूठ, धोखा और हमारे नेताओं को मूर्ख समझने के अलावा कुछ नहीं दिया है। हम अफगानिस्तान में जीन आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। उन आतंकवादियों को पाकिस्तान ने पनाह दी हुई है।

वही डोनाल्ड ट्रंप के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में मिली अपनी असफलता को छुपाने के लिए अमेरिका पाकिस्तान को बलि का बकरा बना रहा है। और वही नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने बैठक के बाद कहा कि “अमेरिका के बयान पर संतुलित प्रक्रिया दी जाने की जरूरत है। वहीं अयाज ने आगे कहा कि अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखते हुए। देश की गरिमा को भी बनाए रखना होगा।

डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा ट्विटर पर की गई ट्वीट के कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तान का रक्षा मंत्रालय एकदम सतर्क हो गया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने उल्टा आरोप लगाते हुए कहा कि उसे अमेरिका से किसी भी प्रकार की मदद नहीं मिली। बल्कि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए उसने अमेरिका को जमीन भी दी। वही आगे पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने हमें केवल अविश्वास दिया है। अमेरिका सीमा पार छुपे बैठे आतंकवादियों के सुरक्षित पनाहगाहो को बिल्कुल नजर अंदाज कर रहा है।

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