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शिक्षा की लौ जलाकर एक साधारण महिला से बन गई मिसाल रुद्रप्रयाग के डीएम की पत्नी

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एक साधारण महिला से मिसाल बन गई है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के डीएम मंगलेश घड़ियाल की पत्नी उषा घड़ियाल। अगर इनसे कोई एक बार मिल लेता है तो इनकी तारीफ किए बिना नहीं रह सकता। क्योंकि उषा घड़ियाल अपने आप में एक मिसाल हैं। उषा घड़ियाल ग्रामीण बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करती प्रयास करती करती हैं। उनके इस काम की प्रशंसा वहां के के वहां के के स्थानीय निवासी करते हैं।

एक शिक्षक ना होकर एक साधारण महिला होते हुए, भी उषा घड़ियाल बच्चों को पढ़ाई के लिए, बहुत ज्यादा प्रेरित करती हैं। बालिका इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग में पढ़ाने के बाद बीते एक पखवाड़े से उषा घड़ियाल एक घड़ियाल एक प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 4 व 5 के 5 के बच्चों को पढ़ा रही है। उषा घड़ियाल बच्चों को गणित, विज्ञान, अंग्रेजी के साथ-साथ बच्चों को राजीव गांधी व राजीव गांधी व जवाहर नवोदय विद्यालय सहित सैनिक स्कूल में प्रवेश परीक्षा की भी तैयारी करवाती हैं। जिससे कि बच्चों का भविष्य अच्छा बन जाए।

उषा घड़ियाल गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर से प्लांट पैथोलॉजी में डायरेक्टर की उपाधि धारक हैं। इसके अलावा वह सीनियर वैज्ञानिक भी रही है। उषा घड़ियाल अपने ज्ञान ज्ञान को ग्रामीण बच्चों को बांटकर। उनका भविष्य सुधारने में लगी हुई है। उसे घड़ियाल ने रुद्रप्रयाग में कक्षा 10वीं की छात्राओं को विज्ञान पढ़ाई है। वही उषा घड़ियाल ने पढ़ाई के साथ-साथ छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए, भी तैयारी करवाई है। जिससे कि वह जिंदगी में आगे बढ़ सकें।

उसा घड़ियाल रोजाना सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक स्कूल में कक्षा 4 व 5 की छात्राओं को छात्राओं को की छात्राओं को छात्राओं को 5 की छात्राओं को छात्राओं को की छात्राओं को छात्राओं को पढ़ाती हैं। वही स्कूल की प्रधानाचार्य डॉक्टर ममता नौटियाल और एनएस प्रभारी अंजू कुमेड़ी और बाकी अन्य शिक्षकों का कहना है। कि उषा घड़ियाल में सवा महीने से जिस तरीके से छात्राओं को पढ़ाया है। वह काबिले तारीफ है। उसके बाद उषा घड़ियाल मुख्य बाजार एक स्थित  प्राइमरी स्कूल में भी 4 व 5वीं के  बच्चों को पढ़ाती हैं।

उषा घड़ियाल बच्चों को ना सिर्फ सिर्फ शिक्षा के लिए, प्रेरित करना बल्कि हर हफ्ते किसी ना किसी विषय पर जोर देती हैं। मसलन साफ-सफाई, पर्यावरण, दहेज, बालिका शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, पलायन जल-ल, जंगल, जमीन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर वाद-विवाद ही करवा रही हैं। उषा घड़ियाल कहती है। कि इससे बच्चे किसी भी मंच पर खड़े होकर। इन विषयों के बारे में खुलकर बता सकते हैं। वही उषा घड़ियाल ने बताया कि वह ने बताया कि वह आने वाले दिनों में ग्रामीण स्कूलों में जाकर। वहां बच्चों को पढ़ाएंगी। वही स्कूल की प्रधानाचार्य गोदांबरी बिंदोला का कहना है। कि उषा घड़ियाल एक शिक्षिका की भांति नियमित स्कूल समय पर पहुंचती हैं।

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