रेल चलने पर खींची चैन तो बढ़ सकती हैं आपकी मुश्किलें, जानिए क्या हो सकती है सजा

पिछले कुछ सालों से भारतीय रेलवे में कई प्रकार के बदलाव देखने को मिले हैं. दरअसल रेलवे की ओर से रलगाड़ियों की गति बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, इसके साथ ही रेलगाड़ी के चलने पर बिना किसी उचित कारण के चेन खींचने वालों पर भी सख्ती शुरू
 

पिछले कुछ सालों से भारतीय रेलवे में कई प्रकार के बदलाव देखने को मिले हैं. दरअसल रेलवे की ओर से रलगाड़ियों की गति बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, इसके साथ ही रेलगाड़ी के चलने पर बिना किसी उचित कारण के चेन खींचने वालों पर भी सख्ती शुरू की गई है. बता दें कि देश भर में अभियान चला कर ऐसे लोगों को पकड़ा जा रहा है जो बिना उचित कारण के चेन खींचते हैं.

चेन खींचने पर लगेगा भारी जुर्माना

मालूम हो कि अब तक चेन खींचने पर पड़ने जाने पर 1000 रुपये जुर्माना दे कर छूट जाते थे. लेकिन अब रेलवे की ओर से सख्ती की जा रही है. दरअसल यदि आब कोई बिना कारण के चेन खींचते पकड़ा जाता है तो उसे 10 हजार रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है.

वहीं दूसरी तरफ चेन खींचने पर आरपीएफ की ओर से आरोपी को रेलवे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. बता दें कि मजिस्ट्रेट रेलवे को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी आरोपी को सजा या जुर्माना सुना सकता है.

जून के महीने में शुरू हुआ यह अभियान

आपको याद दिला दें कि रेलवे की ओर से जून महीने से देश भर में अभियान चला कर चेन खींचने वालों को पकड़ा जा रहा है. दरअसल रेल मंत्री ने जून में बैठक कर रेलगाड़ियों को समय से चलाने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए जिसके बाद देश भर में यह अभियान शुरू किया गया.

अब तक है ये नियम

आपको बता दें कि रेलवे एक्ट 1989 की धारा 141 के तहत अब तक चेन पुलिंग करने पर पकड़े जाने पर आरोपी पर अधिकतम 1000 रुपये का जुर्माना या 1 साल तक की सजा का प्रावधान है.

हालांकि अब आरपीएफ के जांच अधिकारियों की ओर से वाणिज्य विभाग को केस की डिटेल भेजकर होने वाले नुकसान का ब्यौरा मांगता मांगा जाता है. दरअसल इस ब्योरे को मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर रेलवे को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए भी अनुरोध किया जाता है.

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