मोदी सरकार ने किया साफ, बंद नही होंगे पेट्रोल-डीजल वाहन

केंद्र की मोदी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अभी निकट भविष्य में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है। हालांकि पर्यावरण को बचाने और कच्चे तेल के आयात में कटौती के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना जारी रखा जाएगा। दरअसल ये सब बातें स्वयं
 

केंद्र की मोदी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अभी निकट भविष्य में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है। हालांकि पर्यावरण को बचाने और कच्चे तेल के आयात में कटौती के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना जारी रखा जाएगा। दरअसल ये सब बातें स्वयं पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कही।

आपको बता दें कि प्रधान ने एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत की ओर कहा कि, “ई – वाहन प्राथमिकता में है लेकिन ईंधन की बढ़ती जरूरतों को बीएस -6 मानक वाले पेट्रोल एवं डीजल, सीएनजी, जैव ईंधन के साथ ही ई -वाहन सभी को मिला जुला कर पूरा किया जाएगा।”

दरअसल मीडिया की खबरों के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्री ने यह कहा कि, “क्या कोई सरकारी दस्तावेज है, जिसमें ऐसा लिखा हो कि इस तारीख से पेट्रोल और डीजल वाहन बंद होंगे। उन्होंने ऐसा कहा कि भारत ऐसा करने का जोखिम नहीं उठा सकता।”

मालूम हो कि आंकड़ो के अनुसार भारत में वर्ष 2018-19 में 21.16 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों की खपत हुई थी। इसमें डीजल का हिस्सा 8.35 करोड़ टन और पेट्रोल का 2.83 करोड़ टन था।

दरअसल प्रधान ने कहा कि परिवहन क्षेत्र में पेट्रोलियम पदार्थों की अभी भी सबसे ज्यादा मांग है और इस तरह के वाहनों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के ईंधनों का होना जरूरी है। उन्होंने कहा, ” हमें सीएनजी , पीएनजी , जैव ईंधन और बायोगैस की जरूरत होगी। ”

भारत में ऊर्जा की मांग बढ़ रही है दुनिया में सबसे तेज गति से

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय मंत्री ने ऐसा कहा कि भारत में ऊर्जा की मांग दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है और कोई भी एक स्त्रोत इस मांग को पूरा नहीं कर सकता है और इसके लिए कई ईंधनों के अलग अलग विकल्पों की जरूरत होगी।

उन्होंने कहा कि देश में एक अप्रैल 2020 से यूरो- 6 मानक के पेट्रोल, डीजल का इस्तेमाल शुरू होगा। यही नहीं, इसके साथ ही सरकार वाहनों में खासतौर से सार्वजनिक वाहनों में सीएनजी के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दे रही है।

आपको बता दें कि मोदी सरकार पेट्रोल, डीजल में भी एथनॉल और दूसरे खाद्य तेलों के मिश्रण पर जोर दे रही है ताकि परंपरागत तेल पर निर्भरता को कम किया जा सके। दरअसल नीति आयोग के मुताबिक साल 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की 100% बिक्री से भारत की तेल आयात निर्भरता काफी कम हो जाएगी।

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